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चंडीगढ़ पुलिस नहीं कर पाई, मोहाली पुलिस ने कर दिखाया: ​​​​​​​दिलजोत होटल फायरिंग- तीसरी पिस्टल बरामद, इंस्पेक्टर व हेड कांस्टेबल पर हो चुकी कार्रवाई – Chandigarh News

चंडीगढ़ पुलिस नहीं कर पाई, मोहाली पुलिस ने कर दिखाया:  ​​​​​​​दिलजोत होटल फायरिंग- तीसरी पिस्टल बरामद, इंस्पेक्टर व हेड कांस्टेबल पर हो चुकी कार्रवाई – Chandigarh News


चंडीगढ़ में 25 सितंबर को तड़के कजहेड़ी स्थित दिलजोत होटल और मोहाली फेज-2 में जिम मालिक विक्की बाउंसर पर फायरिंग मामले में मोहाली पुलिस ने तीसरी पिस्टल बरामद कर ली है और यह पिस्टल मोहाली पुलिस ने चंडीगढ़ के बुड़ैल से बरामद की है। इसके अलावा बुड़ैल जेल

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मोहाली पुलिस रिमांड पर उगले राज

बड़ी हैरानी की बात है कि जो राज चंडीगढ़ पुलिस नहीं उगलवा पाई, उसे मोहाली पुलिस ने उगलवा लिया। जी हां, मोहाली पुलिस दोनों आरोपी मन चौहान और रितिक भारद्वाज उर्फ बिल्ला को चंडीगढ़ बुड़ैल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गई थी और रिमांड के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने तीसरी पिस्टल, जिससे फायरिंग की थी, वह बुड़ैल के पीजी में रखी हुई है, जिसके बाद मोहाली पुलिस आरोपियों को साथ लेकर बुड़ैल पहुंची और तीसरी पिस्टल बरामद कर ली।

चंडीगढ़ पुलिस के पास किया सरेंडर

आरोपियों ने जब 25 सितंबर 2025 को पहले मोहाली, फिर चंडीगढ़ होटल के बाहर मन चौहान और रितिक भारद्वाज उर्फ बिल्ला ने फायरिंग की थी, तो उसके बाद चंडीगढ़ ऑपरेशन सेल ने दावा किया था कि उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन उन्होंने गिरफ्तार नहीं किया था बल्कि आरोपियों ने सरेंडर किया था, जबकि खरड़ सीआईए की टीम भी आरोपियों को ट्रेस करते हुए उनके पीछे ही थी। जैसे ही सीआईए खरड़ की टीम आरोपियों के नजदीक पहुंची, तो उन्हें पता चला कि आरोपियों ने पहले ही चंडीगढ़ पुलिस को सरेंडर कर दिया।

विक्की बाउंसर।

विक्की बाउंसर।

पुलिस रिमांड के बाद भी हाथ खाली

आरोपियों ने ऑपरेशन सेल के पास सरेंडर किया था। उसके बाद पुलिस ने उनसे दो पिस्टल बरामद कीं, लेकिन उसके बाद कोर्ट में कहा गया था कि यह वे पिस्टल नहीं हैं, जिनसे फायरिंग की गई थी। जिसके बाद इस मामले में ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर रंजीत सिंह को लाइन हाजिर और हेड कांस्टेबल विरेंदर को सस्पेंड कर दिया गया। उसके बाद दोनों आरोपियों का पुलिस रिमांड पुलिस स्टेशन-36 ने ले लिया और कोर्ट में बताया कि उन्होंने धर्मिंदर और आसिफ को गिरफ्तार करना है, जिनसे उन्होंने पिस्टल खरीदी थी। पुलिस इन दोनों को पंजाब के मलेरकोटला, पिंजौर, कालका और खरड़ लेकर जाएगी, लेकिन रिमांड खत्म होने के बाद जब दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया तो पुलिस तीसरी पिस्टल बरामद नहीं कर पाई।

  • 25 सितंबर को जिम मालिक और होटल पर फायरिंग: 25 सितंबर को तड़के चंडीगढ़ के कजहेड़ी स्थित दिलजोत होटल और मोहाली फेज-2 में जिम मालिक विक्की बाउंसर पर फायरिंग हुई थी। जिसमें जिम संचालक विक्की गंभीर घायल हुआ। हमले की जिम्मेदारी अमन चौहान और रितिक भारद्वाज उर्फ बिल्ला नामक युवकों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर ली थी। इसके बाद ऑपरेशन सेल के समक्ष सरेंडर कर दिया था।
  • जिस पिस्टल से फायरिंग की, वो नहीं मिली: ऑपरेशन सेल ने आरोपियों से 2 पिस्टल बरामद की थीं। हालांकि, पुलिस ने कोर्ट में दावा किया कि होटल में जिस पिस्टल से फायरिंग की गई थी, वह दोनों में से नहीं है। पुलिस को अभी वह पिस्टल बरामद करनी है।
  • मामला संदिग्ध होने पर केस पुलिस स्टेशन 36 को दिया: ऑपरेशन सेल की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह मामला जांच के लिए पुलिस स्टेशन 36 पुलिस को दिया गया। जांच अधिकारी ने दोनों आरोपियों का पुलिस रिमांड मांगा, जिसे कोर्ट ने 2 अक्टूबर तक के लिए मंजूर कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से उस तीसरी पिस्टल के बारे में पूछताछ की थी।
  • मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार करना बाकी: पुलिस को इस मामले में धर्मिंदर और आसिफ को गिरफ्तार करना बाकी है, जिनसे उन्होंने पिस्टल खरीदी थी। पुलिस इन दोनों को पंजाब के मलेरकोटला, पिंजौर, कालका और खरड़ लेकर जाएगी, ताकि तीसरी पिस्टल बरामद की जा सके। इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
  • फायरिंग के बाद होटल दिलजोत में जांच करती पुलिस।- फाइल फोटो
  • हेड कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह सस्पेंड, लापरवाही का आरोप: मामले में ऑपरेशन सेल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह की भूमिका भी सामने आई, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। हेड कॉन्स्टेबल पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है। मोहाली के जिम संचालक विक्की ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस ने जिन दोनों को गिरफ्तार किया है, वो मोहरे हैं। उनके पीछे चंडीगढ़ बुड़ैल जेल में बंद गोलू है। उसी की पूरी प्लानिंग है और उसके इशारे पर ये सब हुआ है। उसने ही पिस्टल मुहैया करवाने में इनकी मदद की है।
  • जेल में बंद गोलू ही मास्टरमाइंड: इसके अलावा चंडीगढ़ पुलिस के एक कॉन्स्टेबल पर भी विक्की ने गंभीर आरोप लगाए थे। विक्की ने कहा कि केस की जांच को गुमराह करने का काम कर रहा है और गोलू जो जेल में बंद है उसका मोबाइल फोन घर पर रहता है। उसके मोबाइल फोन की अगर कॉल डिटेल निकलवा कर देखी जाए तो सच सामने आ जाएगा कि कौन-कौन उसके संपर्क में थे।



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