असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। जमुई में उनके हेलिकॉप्टर की लैंडिंग के लगभग 40 मिनट बाद एसपीजी कमांडो और जिला पुलिस मौके पर पहुंची। यह घटना शुक्रवार को जमुई विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार श्रेयसी
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पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल शुक्रवार को भाजपा उम्मीदवार श्रेयसी सिंह के नामांकन में शामिल होने जमुई पहुंचे थे। उनका हेलिकॉप्टर दोपहर करीब 1:30 बजे केकेएम कॉलेज परिसर में उतरा। लैंडिंग के समय कॉलेज परिसर में कोई सुरक्षाकर्मी या अधिकारी मौजूद नहीं था।
कॉलेज के कर्मचारी ने बताया कि हेलिकॉप्टर उतरने के बाद उन्हें पता चला कि इसमें असम के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। लगभग 40 से 45 मिनट तक पूर्व मुख्यमंत्री हेलिकॉप्टर में ही इंतजार करते रहे।
इसके बाद एसपीजी, जमुई हेडक्वार्टर डीएसपी, सीओ ललिता कुमारी और टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों के पहुंचने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री को शहर के श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम स्थित शिल्प विभाग भवन में कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया गया।
लैंडिंग के 40 मिनट बाद पहुंची प्रशासन।
पूर्व मुख्यमंत्री ने की नाराजगी जाहिर
इस सुरक्षा चूक को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी बिहार प्रदेश कार्यालय पटना से जारी पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सूची जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और एसपीजी को समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जिसके कारण यह चूक हुई।
पूर्व सीएम के कार्यक्रम लिस्ट में शुक्रवार सुबह 10 बजे पटना एयरपोर्ट से भागलपुर के लिए निकलने की जानकारी दी गई है। साथ ही 12:30 बजे के करीब भागलपुर स्थित शिव शक्ति मंदिर आकाशवाणी चौक से जमुई सभा स्थल के लिए निकलने और 1 बजे उन्हें जमुई के केकेएम कॉलेज में उनके हेलिकॉप्टर को लैंड करना था। जहां हेलीपैड प्रभारी के रूप में राजीव रंजन अम्बष्ट को जिम्मेवारी सौंपी गई थी।
एक बजे बजे के करीब उन्हें कार्यक्रम स्थल शिल्पा विभाग भवन के लिए निकलना था। लेकिन सभास्थल पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं था। बता दें कि जमुई जिला नक्सल प्रभावित इलाका माना जाता है यदि किसी प्रकार की कोई घटना होती तो इसकी जिम्मेवारी किसकी होती।

असम के सीएम पहुंचे जमुई।
कार्यकर्ताओं की लापरवाही से हुई चूक
सीओ ललिता कुमारी ने बताया कि पहले उनका हेलिकॉप्टर बरहट प्रखंड के मलयपुर पुलिस लाइन में उतरने वाला था। लेकिन भाजपा के कार्यकर्ताओं की चूक कहे या कुछ ओर अचानक उन लोगों को मैसेज मिला कि हेलिकॉप्टर की लैंडिंग शहर स्थित केकेएम कॉलेज में की जाएगी।
मलयपुर से जमुई आने में उन्हें 40 से 45 मिनट का समय लगा और शहर में जाम के कारण सुरक्षा कर्मियों को स्थल तक पहुंचने में लेट हुई है। इसमें उन लोगों की कोई गलती नहीं है। चाहे जो भी हो पार्टी के कार्यकर्ता या प्रबंधक या जिला प्रशासन किसी को लेकिन एक पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है।
