उदयपुर से चित्तौड़गढ़ आते हुए सांसद सीपी जोशी सोमवार को अपने पैतृक गांव भादसोड़ा पहुंचे। गांव पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले अपने बड़े बुजुर्गों से मुलाकात की और दीपावली के मौके पर उनका आशीर्वाद लिया। ग्रामीणों ने भी सांसद का गर्मजोशी से स्वागत किया।
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कुम्हार के घर पहुंचे सांसद, मिट्टी की चाक पर बनाए दीए
भादसोड़ा में सांसद सीपी जोशी एक कुम्हार के घर पहुंचे। वहां कुम्हार शांतिलाल मिट्टी के दीए बना रहा था। शांतिलाल को काम करते देख सांसद जोशी ने भी खुद दीए बनाने की इच्छा जताई। उन्होंने चाक पर कुछ दीए बनाए और मिट्टी के चाक को चलाने की तकनीक भी सीखी। ग्रामीणों ने यह नज़ारा देखा तो वे भी मौके पर पहुंच गए और सांसद के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
51 दीए खरीदे, 100 रुपए कैश दिए
दीए बनाते समय सांसद जोशी ने शांतिलाल कुम्हार से 51 दीए खरीदने की बात कही। उन्होंने पहले फोन पे से पैसे भेजने की इच्छा जताई, लेकिन कुम्हार के पास फोन न होने की वजह से उन्होंने मौके पर ही 100 रुपए नकद दिए। जोशी ने कहा कि “त्योहार पर मिट्टी के दीए जलाना हमारी परंपरा है, इसे हमें बनाए रखना चाहिए।”
सांसद सीपी जोशी ने कुम्हार शांतिलाल से 51 दीए खरीदे।
कुम्हार को डिजिटल भुगतान की सलाह दी
सांसद जोशी ने इस दौरान शांतिलाल कुम्हार से बातचीत करते हुए कहा कि अब समय डिजिटल हो चुका है, इसलिए व्यापार में भी फोन और ऑनलाइन भुगतान का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर कुम्हार मोबाइल ले लें तो वह डिजिटल तरीके से अपने दीए पूरे शहर और जिले में बेच सकते हैं।
व्यापार बढ़ाने की बात भी कही
सीपी जोशी ने शांतिलाल से पूछा कि वह कितने दीए बनाते हैं और उनका व्यापार कैसा चलता है। शांतिलाल ने बताया कि दीपावली पर ही काम ज्यादा रहता है, बाकी समय मांग कम होती है। इस पर सांसद ने कहा कि वह प्रशासन और विभागों से बात करेंगे ताकि ग्रामीण कारीगरों को स्थायी रोजगार और मार्केट से जुड़ने के अवसर मिल सकें।
ग्रामीणों ने किया स्वागत, बच्चों और युवाओं के साथ खिंचवाए फोटो
सांसद को अपने बीच देखकर ग्रामीणों में खुशी का माहौल रहा। कई लोगों ने उनके साथ दीपावली की शुभकामनाएं साझा कीं। बच्चों और युवाओं ने भी उनसे मुलाकात की और फोटो खिंचवाई। जोशी ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गांव की पहचान उसकी मेहनतकश जनता से है और वह हमेशा उनके विकास के लिए प्रयास करते रहेंगे।
