बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर औरंगाबाद के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में नामांकन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से खत्म हो गई। नामांकन की अंतिम तिथि तक जिले के सभी विधानसभा क्षेत्र में 90 अभ्यर्थियों की ओर से नामांकन किया गया।
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मंगलवार को समीक्षा के दौरान इनमें से 11 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द कर दिया गया है। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी मोहम्मद गजाली ने बताया कि स्क्रुटनी के दौरान नामांकन फॉर्म में गड़बड़ी पाए जाने के कारण 11 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द हुआ है।
उन्होंने बताया कि औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र से कुल 18 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। इनमें से एक प्रत्याशी का नामांकन रद्द हुआ है। इसी प्रकार नबीनगर विधानसभा क्षेत्र से कुल 10 नामांकन पत्र दायर किए गए। जिसमें एक प्रत्याशी का नामांकन रद्द हुआ है।
कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र में कुल 12 प्रत्याशियों ने नामांकन दर्ज किया था। इनमें से सभी का नामांकन स्वीकृत कर लिया गया है। रफीगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुल 14 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। इनमें से दो प्रत्याशियों का नामांकन रद्द किया गया है।
ओबरा विधानसभा के लिए 19 प्रत्याशियों ने नामांकन दर्ज किया था। इनमें से एक का नामांकन रद्द हुआ है। गोह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 17 अभ्यर्थियों में से छह का नामांकन रद्द हुआ है। उप निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में कुल 90 अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। इनमें कुल 11 अभ्यर्थियों का नामांकन रद्द हो चुका है। अब जिले के छह विधानसभा में 79 प्रत्याशी मैदान में हैं।
नामांकन के दौरान लगी भीड़।
प्रत्याशियों को दी गई निर्वाचन आचार संहिता की जानकारी
नामांकन अवधि के दौरान उम्मीदवारों, उनके प्रस्तावकों और प्रतिनिधियों को निर्वाचन व्यय, आचार संहिता व अन्य विधिक प्रावधानों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
उप निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में अभ्यर्थियों की सक्रियता और उत्साह के कारण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनसहभागिता का सकारात्मक संदेश मिला है। आने वाले चरण में नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
निर्वाचन प्रक्रिया आयोग की ओर से निर्धारित तिथियों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों और उनके समर्थकों से आचार संहिता के पूरी पालन की अपील करते हुए कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है और सभी की सहभागिता से इसे निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
