प्रेम सिंह | खड्डा3 मिनट पहले
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कुशीनगर के खड्डा तहसील क्षेत्र में ग्राम सभा बोधी छपरा और सिरसिया मंगलवार की रात सियार के आतंक से थर्रा उठी। रातभर चली घटनाओं में सियार ने गांव के 7 लोगों पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अचानक हुए इन हमलों से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग देर रात तक सियार को पकड़ने के लिए मशाल लेकर इधर-उधर खोजबीन करते रहे।
ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार की रात लगभग 10 बजे सबसे पहले बिंदा मोदनवाल (70 वर्ष) पर सियार ने हमला किया। घायल बिंदा किसी तरह बचते-बचाते वहां से भाग गई घायल अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तूर्कहा पहुंची और इलाज करवाया।
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इलाज के बाद जैसे ही वे घर लौटे, सियार ने दोबारा उन पर हमला कर उनके दूसरे पैर को भी काट लिया। इस दोहरे हमले से ग्रामीणों में दहशत और अधिक फैल गई।
हमले में घायल लोगों में चंदर बैठा (65 वर्ष), अजय साहनी (23 वर्ष), बिजली देवी (50 वर्ष), शंकर राजभर (55 वर्ष), आरती देवी (55 वर्ष) और भोली (30 वर्ष) सहित कई अन्य लोग शामिल हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सियार खुलेआम रात में तो घूम ही रहा है बल्कि सुबह-सुबह भी गलियों में घूमता दिखाई दे रहा है। बच्चे-बुजुर्ग डर के कारण घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। खेतों में काम करने वाले लोग भी अब समूह में जाने लगे हैं।
घटनाओं के बाद से ही बोधी छपरा और सिरसिया के लोग भय के साए में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने वन विभाग और प्रशासन को कई बार सूचना दी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची और सियार को नहीं पकड़ा गया, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गांव में तत्काल सियार को पकड़ने का अभियान चलाने, रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। लोग शाम होते ही दरवाजे बंद कर लेते हैं और टॉर्च लेकर पहरा देने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर क्यों नहीं पहुंची। कई लोगों ने सोशल मीडिया और स्थानीय अधिकारियों को भी वीडियो भेजे हैं, जिनमें सियार गलियों में घूमता नजर आ रहा है।
