वाहन चेकिंग के दौरान पूछताछ करते हुए एसडीपीओ
बिहार सरकार के मंत्री जीवेश कुमार मिश्रा पर यूट्यूबर दिलीप कुमार सहनी उर्फ दिवाकर द्वारा लगाए गए मोबाइल छीनने के आरोप में बड़ा उलटफेर सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार उनका मोबाइल दिलीप के ही भाई प्रिंस कुमार के पास से बरामद हुआ है।
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दरअसल मामला सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या 251/25 से जुड़ा है। जहां यूट्यूबर दिलीप सहनी ने 15 सितंबर को दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया था कि मंत्री जीवेश मिश्रा ने उनके दो मोबाइल फोन छीन लिए थे। घटना 14 सितंबर की रात की बताई गई थी।
यूट्यूबर दिलीप सहनी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया था कि मंत्री जीवेश मिश्रा ने उनके दो मोबाइल फोन छीन लिए, जिनमें से एक का उन्होंने डिटेल उपलब्ध कराया था जबकि दूसरे के बारे में कहा था कि उसमें सिम कार्ड नहीं था।
थानाध्यक्ष और एसडीपीओ पूछताछ करते हुए
भाई बोला-सुबह से ही मेरे पास था मोबाइल
एफआईआर दर्ज होने के समय विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी दिलीप सहनी का समर्थन करने सिंहवाड़ा थाना पहुंचे थे, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी सुर्खियों में आ गया था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू किया। जहां मोबाइल का टावर लोकेशन दिलीप के ही गांव रामपट्टी में पाया गया।
शनिवार को भरवाड़ा में वाहन जांच के दौरान दिलीप सहनी से पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि जिस मोबाइल की चोरी का आरोप लगाया गया था, वह उसके भाई के पास है और वही उसका उपयोग कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने दिलीप सहनी के घर रामपट्टी गांव में छापामारी कर प्रिंस कुमार के पास से मोबाइल फोन बरामद किया।
प्रिंस कुमार ने पूछताछ में बताया कि 15 सितंबर की सुबह से ही मोबाइल उसके पास था, जबकि उसी दिन सुबह 11:25 बजे एफआईआर दर्ज कराई गई थी जिसमें मंत्री पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया गया था।

मौके पर लोगों की भीड़
पुलिस ने सभी को भेजा नोटिस
एसडीपीओ कमतौल शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि तकनीकी जांच के आधार पर मोबाइल का लोकेशन भरवाड़ा में मिला था। पुलिस ने मोबाइल को जब्त कर लिया है और आगे की जांच जारी है। हालांकि, इस प्रकरण में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
गौरतलब है कि वादी दिलीप कुमार सहनी पर भी सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या 252/25 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने उन्हें उस प्रकरण में जमानत के लिए नोटिस दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने मंत्री जीवेश मिश्रा पर लगे आरोपों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि पुलिस की आगे की जांच में क्या निष्कर्ष सामने आता है।
