राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फर्जी ईमेल का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। आरसीए की एडहॉक कमेटी के चार सदस्य पिंकेश जैन, धनंजय सिंह खींवसर, मोहित यादव और आशीष तिवाड़ी ने आज सोमवार को आरसीए अकादमी भवन पहुंचकर फर्
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आरसीए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने कहा- यदि सदस्य एफआईआर करवाना चाहते हैं तो वे उनके साथ हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कुमावत ने यह भी कहा,
क्या पता जिनकी बात आप कह रहे हैं, उन्हीं का मामला हो।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से आरसीए में फर्जी ईमेल का मामला गरमाया हुआ है।
कुछ समय पहले एक मेल आईडी से बीसीसीआई को भेजे गए ई-मेल में ‘काले कारनामों’ का खुलासा करने का दावा किया गया था। इस ईमेल ने आरसीए प्रशासन और एडहॉक कमेटी में खलबली मचा दी थी। इसके बाद संदिग्ध कंप्यूटर को कॉन्फ्रेंस हॉल में रखवाया गया और ऑफिस सील कर दिया गया था। हालांकि, बाद में ऑफिस खुलने पर पता चला कि कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया था। एडहॉक कमेटी के सदस्य आशीष तिवाड़ी ने बताया कि दीपावली के चलते सदस्य अपने-अपने गांव गए हुए थे।
इस बीच, टीम की चयन प्रक्रिया और सलेक्शन कमेटियों को लेकर दोनों गुट आमने-सामने हैं। धनंजय गुट की तरफ से डीडी कुमावत पर मीटिंग न बुलाने और मनमानी तरीके से आरसीए चलाने के आरोप लगाए गए हैं। इस पर कुमावत ने कहा कि वे हर जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन जांच ऑफिस के अंदर का व्यक्ति नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे क्रिकेट का नुकसान नहीं होने देंगे।
इस घटना की जानकारी मिलने पर आज चारों सदस्य आरसीए कार्यालय आए हैं। पूरे मामले का जायजा लिया गया है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की पुलिस से जांच करवाई जानी चाहिए।
