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कांगड़ा का पहला आईटी पार्क तैयार: अगले माह सीएम करेंगे उद्घाटन: बढ़ेगा निवेश, नए रोजगार के साथ स्टार्टअप करने वाले युवाओं को मौका – Dharamshala News

कांगड़ा का पहला आईटी पार्क तैयार:  अगले माह सीएम करेंगे उद्घाटन: बढ़ेगा निवेश, नए रोजगार के साथ स्टार्टअप करने वाले युवाओं को मौका – Dharamshala News


पार्क के बारे में जानकारी देते अधिकारी

हिमाचल के कांगड़ा जिले का पहला और राज्य का चौथा आईटी पार्क बनकर तैयार हो गया है। करीब 19 करोड़ रुपये से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने 50 कनाल भूमि पर इसका निर्माण किया है। 21 कनाल में भवन और आधारभूत संरचना पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत

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यह जानकारी मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (इनोवेशन, डिजिटल टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस) गोकुल बुटेल ने मंगलवार को आईटी पार्क चैतड़ू, कांगड़ा का दौरा करने के बाद मीडिया को दी। उन्होंने कहा, “निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस पार्क के बनने से यहां के युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप का मौका मिलेगा।”

पार्क के बारे में जानकारी देते अधिकारी

पार्क की विशेषताएं: विश्व स्तरीय सुविधाएं, स्टार्टअप को मौका

  • प्लग एंड प्ले का वातावरण: चैतड़ू में बनने वाले इस पार्क में वैश्विक स्तर की सुविधाएं होंगी। इनमें हाई-स्पीड डेटा सेंटर, 24 घंटे सुरक्षा, 100 kVA डीजी सेट, 50 kVA यूपीएस, लाइब्रेरी, कांफ्रेंस हॉल और कॉल सेंटर शामिल हैं। स्टार्टअप्स के लिए “प्लग-एंड-प्ले” वातावरण तैयार किया गया है। इससे युवा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ब्लॉगिंग और डेटा ऑपरेटिंग जैसे व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।
  • एयरपोर्ट की निकटता से बढ़ेगा निवेश: पार्क को गग्गल एयरपोर्ट की निकटता का लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर एयर-कनेक्टिविटी के कारण बड़ी आईटी कंपनियों का निवेश यहां बढ़ सकता है। हिमाचल सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में इस पार्क से 500 से 650 नए रोजगार सृजित होने का अनुमान जताया है।
पार्क के बारे में बताते अधिकारी

पार्क के बारे में बताते अधिकारी

सबसे बड़ी बाधा: मुख्य सड़क से जोड़ने वाला पुल अधूरा

हालांकि, इस परियोजना में बड़ी बाधा पार्क को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला मांझी खड्ड पर बन रहा 50 मीटर लंबा बॉक्स-गर्डर पुल है। 2.67 करोड़ रुपये से बनने वाला यह पुल लंबे समय से अटका हुआ है। पुल के दोनों छोरों पर खुदाई कर छोड़ दी गई है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।

फिलहाल पार्क तक पहुंचने के लिए लोहे का एक पुराना पुल ही एकमात्र विकल्प है, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही में इससे दिक्कत होती है। इन चुनौतियों के बावजूद, चैतड़ू आईटी पार्क प्रदेश के युवाओं के लिए नई संभावनाओं का केंद्र बनने जा रहा है और कांगड़ा को आईटी हब बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।



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