केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भले ही मेरी जिंदगी चली जाए, कोई परवाह नहीं। मैं आदिवासियों के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा। मैं हमेशा आदिवासियों के साथ हूं।
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शिवराज सिंह चौहान बुधवार को सीहोर जिले के भैरूंदा पहुंचे थे। जहां वे अनुसूचित जनजातीय पंचायत
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को सीहोर जिले के भैरूंदा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने अनुसूचित जनजातीय पंचायत में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने आदिवासी समाज की बहनों और भाइयों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
सभा में हजारों की संख्या में ग्रामीण और जनजातीय समुदाय के लोग मौजूद रहे। शिवराज सिंह ने कहा कि, “किसी ने चिट्ठी लिखी कि मैं आदिवासियों को भड़काता हूं, लेकिन अगर उनके हक की लड़ाई में मेरी जान भी चली जाए तो कोई दिक्कत नहीं। मैं हमेशा आदिवासियों के साथ हूं।”
आदिवासियों के हक के लिए हमेशा खड़ा रहूंगा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे अपने जनजातीय भाई-बहनों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में वन विभाग ने भैरूंदा गांव के कई आदिवासी परिवारों को जमीन खाली करने का नोटिस दिया था, जो वर्षों से पट्टे की जमीन पर रह रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वे इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी आदिवासी को बेघर न होना पड़े।
भाजपा सरकार गरीब और आदिवासी हितैषी
चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार गरीबों और आदिवासियों के हितों के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव दोनों ही संवेदनशील नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य है कि समाज के हर वर्ग को न्याय और विकास के अवसर मिलें।
बहनों के साथ बैठकर किया भोजन
कार्यक्रम के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने जनजातीय परिवारों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। उन्होंने भोजन परोसने वाली महिलाओं का आभार जताया और कहा कि वे आदिवासी समाज के सुख-दुख में हमेशा साझेदार रहेंगे।
आदिवासी समाज मेहनती, उनकी जमीन ही जीवन का आधार
शिवराज सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज मेहनती है, और उनकी जमीन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। उन्होंने कहा कि वे हर संभव प्रयास करेंगे कि किसी की भी आजीविका पर संकट न आए और सब सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
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