सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर केन्द्र सरकार ने देश की पुलिस व अन्य एजेंसियों में उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य करने वाले कर्मचारी-अधिकारियों को केन्द्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक देने की घोषणा की है। यह अवॉर्ड फील्ड ऑपरेशन, अनुसंधान, फॉरेंसिक और इंट
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बेस्ट अनुसंधान में 93 कार्मिकों को पदक मिलेगा। इनमें राज्यों की पुलिस, सीबीआई, एनआईए जैसी केन्द्रीय एजेंसियों के कार्मिक शामिल है। इसी तरह फॉरेंसिक साइंस कैटेगरी में 9 वैज्ञानिकों को पदक मिलेगा। राजस्थान से आईपीएस पंकज यादव, आरपीएस हरिप्रसाद सोमानी, पारसमल जैन, राजेश सोनी व सब इंस्पेक्टर देवीलाल खटीक को बेस्ट अनुसंधान के लिए पदक मिलेगा।
बांसवाड़ा के सल्लोपाट थाने के एसएचओ देवीलाल खटीक को 12 जनवरी को बोरडाबरा हाईवे पर एक्सीडेंट की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे तो मृतक की बॉडी पूरी तरह से कुचली हुई थी। मृतक के बैग में अजमेर गुवारडी निवासी नरेन्द्र सिंह के दस्तावेज थे। नरेन्द्र के परिजनों को बुलाया तो लाश को पहचानने से इनकार कर दिया। क्योंकि मृतक की दाढ़ी काली थी और नरेन्द्र की दाढ़ी में सफेद बाल थे। ऐसे में शक हुआ तो एसएचओ देवीलाल ने मामले को संदिग्ध मानकर अनुसंधान शुरू की और सबसे पहले नरेन्द्र के नंबर लेकर तकनीकी अनुसंधान किया। पता चला कि नरेन्द्र तो एक्सीडेंट के बाद कई लोगों से बात कर रहा था।
जांच में सामने आया कि वह कर्जे से परेशान था और बीमा क्लेम उठाने के लिए उसने खुद का एक्सीडेंट दिखाने के लिए साजिश रची। दो दोस्तों के साथ मिलकर रामदेवरा से कचरा बीनने वाले एक व्यक्ति को गुजरात में काम दिलाने का झांसा देकर बांसवाड़ा लाए और ट्रक से एक्सीडेंट कर कुचल दिया। पुलिस ने नरेंद्र के दो साथियों को पकड़ लिया। नरेंद्र अभी तक फरार है।
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आईपीएस पंकज यादव, सीओ भरतपुर शहर
भरतपुर के कोतवाली थाने में एक व्यक्ति ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर 22 लाख रुपए की ठगी का मामला दर्ज करवाया। जांच सीओ सीटी आईपीएस पंकज यादव को दी। यादव ने मामले में अनुसंधान करते हुए भरतपुर, जयपुर व गुरुग्राम में दबिश देकर गिरोह के सरगना सहित 8 आरोपियों को पकड़ा। जो अलग-अलग कंपनियां बनाकर लोगों से इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी कर रहे थे। बदमाशों से 5 करोड़ की ठगी का खुलासा किया। इसमें परिवादी के भी 60 लाख रुपए थे। मामले में 10 लाख नकद, 900 यूएसडीटी और लग्जरी कारें भी बरामद की गईं।
आरपीएस हरि प्रसाद सोमानी, एसओजी, जयपुर
सोमानी ने वर्ष 2008 में जयपुर में हुए बम ब्लास्ट मामले की जांच की थी। इस संबंध में कुल 8 मुकदमे दर्ज हुए थे। 4 आरोपियों को फांसी की सजा भी सुनाई थी। एक को बरी करने के बाद वापस पांचों को जिंदा बम के मामले में गिरफ्तार कर लिया। 2023 में हाईकोर्ट ने सभी मामलों में पांचों आरोपियों को बरी कर दिया। इस पर एएसपी सोमानी ने आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त साक्ष्य जुटाकर तितम्बा पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) पेश की। इसी चार्जशीट के साक्ष्यों के आधार पर 4 आरोपियों को जिंदा बम के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई।
आरपीएस पारस जैन, एसपी भीलवाड़ा
वर्ष 2022 में 4 अप्रैल को रावतभाटा में कोटा चौराहे पर हुए देवा गुर्जर हत्याकांड से पूरे हाड़ौती क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने लगी। रावतभाटा, चित्तौड़गढ़ व कोटा में लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। क्योंकि देवा हाड़ौती क्षेत्र के युवाओं में काफी चर्चित था और हत्याकांड के संबंध में कई तरह के वीडियो भी वायरल हुए थे। ऐसे में डीजीपी ने कोटा में तैनात एडिशनल पारसमल जैन के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर जांच अधिकारी नियुक्त किया। एएसपी जैन ने मामले में गंभीरता से जांच कर 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया।
आरपीएस राजेश कुमार सोनी, डिप्टी एसपी, आरएसी कोटा
2015 में राजेश सोनी कोटा के कुन्हाड़ी थाने में एसएचओ के पद पर तैनात थे। 23 जुलाई को सूचना मिली कि ड्रम में महिला की जली हुई लाश पड़ी है। सूचना पर एसएचओ मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाएं कर शव को अस्पताल पहुंचाया। 3 दिन तक पहचान नहीं हुई, तो अंतिम संस्कार कर दिया। जांच आगे बढ़ी तो सूचना मिली कि शहर के गौरव की पत्नी लापता है। पुलिस महिला के पीहर पक्ष तक पहुंचे और महिला के पास मिले गहनों से पहचान करवाई और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एफएसएल से महिला की मां से डीएनए मैच करवाया और 5 अन्य सैंपल को मैच करवाए गए। इसके बाद चार्जशीट पेश की और 45 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। नतीजा रहा कि आरोपी को आजीवन कारावास की सजा हुई। शर्मा वर्तमान में कोटा आरएसी में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात हैं।
