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कई महीने से चल रही थी मुंबई हमले जैसी प्लानिंग: दिल्ली-NCR में मूवमेंट को गुरुग्राम नंबर कार खरीदी, मोबाइल लैब बनाई; यूनिवर्सिटी साजिश का केंद्र – gurugram News

कई महीने से चल रही थी मुंबई हमले जैसी प्लानिंग:  दिल्ली-NCR में मूवमेंट को गुरुग्राम नंबर कार खरीदी, मोबाइल लैब बनाई; यूनिवर्सिटी साजिश का केंद्र – gurugram News


HR 26 CE 7674 नंबर की इस i20 कार ने 10 नवंबर को ब्लास्ट से पहले दिल्ली में लाल किला के पास पार्किंग में एंट्री ली थी।

दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर की शाम हुए ब्लास्ट के मामले में नया खुलासा हुआ है। आतंकी माड्यूल कई महीनों से मुंबई के 26/11 हमले जैसे बड़े धमाकों की प्लानिंग कर रहा था। आतंकियों ने दिल्ली-NCR में आसानी से मूवमेंट करने के लिए जानबूझ कर गुरुग्राम

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी तक की जांच में सामने आया है कि यह साजिश जनवरी 2025 से चल रही थी। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग के रैडिकलाइज्ड युवा डॉक्टरों ने ‘व्हाइट कॉलर’ कवर के तहत फरीदाबाद में बेस बनाया। इनका मकसद था ‘कोई संदेह न हो’ क्योंकि डॉक्टरों का प्रोफेशन उन्हें आसानी से NCR में घूमने- फिरने की आजादी देता है। विस्फोटक छिपाने के लिए धौज और फतेहपुर तागा में ऐसे कमरे तलाशे गए, जहां बेरोक-टोक जाया जा सके। यहां शक की गुंजाइश भी कम थी।

पूरी साजिश का केंद्र धौज में अल-फलाह यूनिवर्सिटी रहा। शिक्षा का केंद्र होने की वजह से इस पर शक की गुंजाइश कम थी। पकड़े गए आरोपी मेडिकल प्रोफेशन से हैं। धौज और फतेहपुर तागा क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य हैं। जांच एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं दिल्ली-NCR में 26 नवंबर (26/11) के आसपास तो हमले की साजिश नहीं थी?

प्रमुख स्थानों पर हमले की साजिश पुलिस के अनुसार, मॉड्यूल ने 200 से अधिक शक्तिशाली IED तैयार करने की योजना बनाई थी, जो दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के हाई-प्रोफाइल टारगेट्स पर एक साथ इस्तेमाल होते। टारगेट्स में लाल किला, इंडिया गेट, कांस्टीट्यूशन क्लब, गौरी शंकर मंदिर, प्रमुख रेलवे स्टेशन और मॉल्स शामिल थे। खासतौर पर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की प्लानिंग थी, ताकि साम्प्रदायिक तनाव भड़क सके।

गुरुग्राम कनेक्शन सबसे अहम संदिग्धों ने दिल्ली-गुरुग्राम-फरीदाबाद के बीच आसान मूवमेंट के लिए गुरुग्राम रजिस्टर्ड गाड़ी चुनी। सफेद हुंडई आई 20 (HR-26 CE 7674) मोहम्मद सलमान के नाम पर थी। जिसे मार्च 2025 में सिंफनी कंपनी को बेचा गया। कंपनी से यह कार ओखला के डीलर देवेंद्र के पास पहुंची, इसके बाद अंबाला होते हुए यह पुलवामा में बेची गई, लेकिन इसकी ऑनरशिप गुरुग्राम के सलमान के नाम से ट्रांसफर नहीं करवाई गई।

मुंबई 26/11 से क्या समानताएं…

  • फिदायीन स्टाइल, हाई वैल्यू टारगेट्स: यह साजिश 26 नवंबर (26/11) 2008 के मुंबई हमले से मिलती-जुलती है। दोनों में फिदायीन अटैक का एंगल प्रमुख था। मुंबई में लश्कर-ए-तैयबा के 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने समुद्री रास्ते से घुसकर ताज होटल, ओबेरॉय और CST स्टेशन पर हमला किया।
  • खतरनाक विस्फोटक: मुंबई में RDX समुद्र से लाया गया था, यहां अमोनियम नाइट्रेट लोकल सोर्स से एकत्र किया गया, लेकिन विस्फोट की क्षमता दोनों में लगभग समान थी। मुंबई में 166 लोग मारे गए। डॉ. उमर ने भी प्लान के फेल होने पर मैक्सिमम कैजुअल्टी के लिए ‘सुसाइड मिशन’ चुना। दोनों मामलों में हाई वैल्यू टारगेट्स साइट चुनी गई, ताकि ग्लोबल अटेंशन मिले।

DSP हेडक्वार्टर ने बताईं अहम बातें दिल्ली ब्लास्ट के गुरुग्राम कनेक्शन से संबंधित ऑपरेशन को DCP हेडक्वार्टर डॉ. अर्पित जैन लीड कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस मिलकर काम कर रही है। हम दिल्ली पुलिस और सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेशन कर रहे हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों को सेफ रखने के लिए SOP तैयार की गई है।

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