पंचकूला सेक्टर-4 स्थित पूर्व डीजीपी का घर व इनसेट में पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा व बेटा अकील अख्तर।
हरियाणा के पंचकूला एमडीसी सेक्टर-4 में पंजाब के पूर्व DGP मुस्तफा के घर सीबीआई की टीम पहुंची। सीबीआई टीम ने मुस्तफा की कोठी पर करीब 8 घंटे तक उनके बेटे की अकील अख्तर की डेथ केस में जांच पड़ताल की।
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सीबीआई की टीम शुक्रवार को करीब 11 बजे मुस्तफा की कोठी पर पहुंची और जांच-पड़ताल के बाद शाम को 7 बजे रवाना हुई। सीबीआई टीम में केस की जांच डीएसपी ऋषिराज शर्मा कर रहे हैं। जिनके नेतृत्व में टीम यहां पर पहुंची थी। CBI टीम ने इससे पहले नौकरों और सुरक्षाकर्मियों को जांच में शामिल किया था।
शमशुद्दीन चौधरी हो चुका जांच में शामिल
सीबाआई ने 6 नवंबर को केस दर्ज कर मामले में जांच शुरू की थी। उसी रात सीबीआई ने पंचकूला एसआईटी से केस से जुड़ा सारा रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया था। वहीं 7 नवंबर को शमशुद्दीन चौधरी को बुलाकर उसे जांच में शामिल किया गया था। शमशुद्दीन चौधरी ने वीडियो और दूसरे दस्तावेज सीबीआई को सौंपे थे।
मलेरकोटला के शमशुद्दीन ने पंचकूला में पूर्व DGP की फैमिली पर FIR दर्ज कराई थी।
पूर्व DGP मुस्तफा पर हुई थी FIR 27 अगस्त को पूर्व डीजीपी मुस्तफा के बेटे अकील ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उसकी मां और बहन सहित उसका पूरा परिवार उसे मारने या झूठे मामले में फंसाने की साजिश रच रहा है। 16 अक्टूबर को पंचकूला में उसकी मौत हो गई थी।
उस वीडियो को आधार बनाते हुए मलेरकोटला के शमशुद्दीन चौधरी ने पूर्व DGP मुस्तफा के परिवार के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी। 23 अक्टूबर को हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार से इस मामले की जांच CBI को सौंपने का आग्रह किया था, और वर्तमान में इस मामले की जांच CBI द्वारा की जा रही है।

जिस मुस्तफा फैमिली पर FIR हुई, उनके बारे में जानिए…
- 1985 बैच के IPS, कैप्टन अमरिंदर के करीबी रहे मुस्तफा: मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के IPS रहे। पंजाब में कांग्रेस सरकार के वक्त मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबियों में मुस्तफा की गिनती होती थी। हालांकि, जब कैप्टन ने मुस्तफा को पंजाब पुलिस का DGP नहीं बनाया तो उनके रिश्ते बिगड़ गए। कैप्टन ने जब दिनकर गुप्ता को DGP बना दिया तो सिनियरिटी का हवाला देकर मुस्तफा सुप्रीम कोर्ट तक गए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद 2021 में मुस्तफा रिटायर हो गए। कांग्रेस ने साल 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को CM की कुर्सी से हटाया तो मुस्तफा कांग्रेस में सक्रिय हो गए। उन्होंने खुलकर कैप्टन के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी। इस दौरान वह नवजोत सिद्धू के सलाहकार भी रहे।
- कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं पत्नी रजिया सुल्ताना: मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना ने साल 2000 की शुरुआत में राजनीति में एंट्री ली। इसके बाद 2002 और 2007 में लगातार 2 बार मालेरकोटला से कांग्रेस की टिकट पर विधायक रहीं। 2012 में वह चुनाव हार गईं, लेकिन 2017 में फिर चुनाव जीतकर कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुआई वाली सरकार में मंत्री रहीं। 2021 में कैप्टन की जगह चरणजीत चन्नी सीएम बन गए। फिर से रजिया को मंत्री बनाया गया। इसी बीच चन्नी से नाराज होकर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस की प्रधानगी पद से इस्तीफा दे दिया। इसके समर्थन में रजिया ने भी मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया। बाद में एक कैबिनेट मीटिंग में शामिल होकर उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। 2022 के चुनाव में वह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार से चुनाव हार गईं।
