शहर की मुख्य सड़कों और गलियों में आवारा मवेशियों की मौजूदगी ने लोगों को परेशान कर दिया है। राजधानी में लगातार इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। इन आवारा मवेशियों की वजह से अब हादसे होने भी शुरू हो गए हैं। निगम का दावा है कि नवंबर में 3822 आवारा मवेशियों
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लेकिन हकीकत यह है कि शहर के किसी भी सड़क से आवारा मवेशी कम नहीं हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि निगम वाले इस पर सख्ती कर ही नहीं रहे हैं। इस वजह से सड़क पर किसी भी समय आवारा मवेशी बैठे रहते हैं। निगम के इस आंकड़े पर भी कई सवाल खड़े होने लगे हैं।
मवेशियों के झुंड की वजह से छोड़ी-बड़ी दुर्घटनाएं लगातार हो रहे हैं। निगम अफसरों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस कार्रवाई को तेज किया गया है। हकीकत जो पहले स्थिति थी वही अब भी बरकरार है। राजधानी में केनाल रोड, आमापारा, भनपुरी, खमतराई, श्रीनगर, गुढ़ियारी, पंडरी, मोवा, सड्डू, रामसागरपारा, वीआईपी रोड, फूंडहर, रविवि जाने वाली सड़क, नगर घड़ी चौक से तेलीबांधा, शंकरनगर से मोवा जाने वाली सड़क समेत हर मुख्य रोड पर आवारा मवेशी बैठे ही रहते हैं।
निगम की टीम एक दिन में औसतन 20 मवेशियों को भी नहीं पकड़ पा रही है
नगर निगम के पास काउकैचर की 10 टीम हैं। ये टीमें अपने-अपने जोन एरिया में मवेशियों को रास्तों से हटाने और उन्हें कांजी हाउस व गौठानों में भेजने का काम करते हैं। निगम अफसरों का कहना है कि हर काउकैचर के पास एक ही टीम होती है। इसलिए ज्यादा संख्या में मवेशी नहीं पकड़ पा रहे हैं।
अभी शुक्रवार से रविवार तक हर दिन औसतन 20 मवेशियों को पकड़ रहे हैं। इस वजह से शहर में सभी जगहों पर कहीं न कहीं मवेशी दिखाई ही दे जाते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सुरक्षित और व्यवस्थित सड़क के लिए निगम की टीम कितनी सक्रिय है।
कलेक्टर भी नाराज हुए थे लेकिन अफसर नहीं जा रहे सड़कों पर आवारा मवेशियों के घूमने की लगातार शिकायत के बाद कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह भी खासे नाराज हुए थे। उन्होंने अफसरों को सख्त हिदायत देते हुए कहा था कि वे रोजाना सुबह और रात में सड़क पर जाकर इस बात की जांच करें कि आवारा मवेशी कहां घूम रहे हैं।
कलेक्टर की नाराजगी के बाद कुछ दिनों तक तो अफसर गए, लेकिन बाद में सभी ने जाना बंद कर दिया। इस वजह से सड़कों पर आवारा मवेशियों की संख्या फिर बढ़ गई। अभी निगम और प्रशासन के अफसर उन सड़कों पर नहीं जाते जहां सबसे ज्यादा हादसे आवारा मवेशियों की वजह से हो रहे हैं। इससे शहर के लोग भी खासे नाराज हैं।
लोगों को भी सूचना देना चाहिए निगरानी भी तेज कर रहे शहर की सड़कों से मवेशियों को हटाने का काम लगातार जारी है। इसके लिए 10 टीमें काम कर रही हैं। रोजाना इतनी कम संख्या में मवेशी क्यों हटा रहे हैं इसकी जांच करवाते हैं। लोग मवेशियों को हटाने के लिए निदान 1100 में भी शिकायत कर सकते हैं। विनोद कुमार पांडे, अपर आयुक्त नगर निगम
एयरपोर्ट गार्डन में चल रहे हैं मवेशी, गाड़ी के सामने आ रहे
एयरपोर्ट की सुंदरता बढ़ाने और वहां आने-जाने वाले लोगों के लिए लाखों रुपए खर्च कर गार्डन बनाया गया। लेकिन अब इस गार्डन को मेंटेन ही नहीं किया जा रहा है। यहां किसी भी समय आवारा मवेशी घुस जाते हैं। वे सुबह से शाम तक गार्डन में रहते हैं। इस वजह से वहां लोग आने-जाने से भी कतराते हैं।
इतना ही नहीं कई बार ये मवेशी तेज रफ्तार गाड़ियों के सामने भी आ जाते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। एयरपोर्ट के आसपास तेज रफ्तार से गाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में इन मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस पहुंचाना चाहिए। लेकिन किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।
