नई दिल्ली8 मिनट पहले
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PIL पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस सरमा ने फाइल की थी जिसकी सुनवाई चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने की
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBI, ED, अनिल अंबानी और कई अन्य लोगों को नोटिस जारी किया है। SC को रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM), अनिल धीरूभाई अंबानी (ADA) ग्रुप की अन्य कंपनियों और प्रमोटर अनिल अंबानी पर लगे बैंकिंग और कॉर्पोरेट फ्रॉड के आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने के लिए एक याचिका (PIL) मिली थी।
उसी की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मंगलवार (18 नवंबर) को यह नोटिस जारी किया है। PIL पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस सरमा ने फाइल की थी जिसकी सुनवाई चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने की और सबको तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा।
याचिका की 3 बड़ी बातें
- पिटीशनर के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि CBI और ED बैंक वालों और उनके अफसरों की मिलीभगत की जांच ही नहीं कर रही, जबकि घोटाला बहुत बड़ा है। उन्होंने कोर्ट से CBI और ED को आदेश देने की मांग की है कि वो बैंक और उसके अफसरों के खिलाफ चल रही जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें।
- अनिल अंबानी की रिलायंस ADA ग्रुप की कई कंपनियों ने मिलकर आम लोगों के पैसों की सिस्टमेटिक तरीके से हेराफेरी की, फर्जी बैलेंस शीट भी बनाई। ये सबकुछ बैंकों और उसके अधिकारियों की मिलीभगत से चलता रहा।
- CBI ने 21 अगस्त को FIR की थी। ED की जो कार्रवाई अनिल अंबानी पर चल रही है, वो घोटाले सिर्फ का छोटा-सा हिस्सा है। फोरेंसिक ऑडिट में बहुत गंभीर गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। सभी फ्रॉड्स और पैसों के डायवर्जन को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में पहले ही मान लिया है।

ED ने 24 जुलाई को अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े 35 से ज्यादा ठिकानों और करीब 50 कंपनियों पर छापेमारी की थी। इसके बाद 23 अगस्त को CBI ने भी अनिल अंबानी के घर पर छापेमारी की थी।
CBI ने अनिल अंबानी के खिलाफ अगस्त में केस दर्ज किया था
इसी साल 23 अगस्त को CBI ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के खिलाफ 2,929 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में केस दर्ज किया था। CBI ने मुंबई में रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के ऑफिस और अनिल अंबानी के घर पर शनिवार (23 अगस्त) को छापेमारी भी की थी। यह फ्रॉड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़ा है।
अनिल अंबानी की कंपनियों पर लोन के गलत इस्तेमाल का आरोप
इससे कुछ दिन पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस और खुद अनिल अंबानी को ‘फ्रॉड’ घोषित किया था। SBI का तर्क था कि RCom ने कई बैंकों से लिए गए 31,580 करोड़ रुपए के लोन का गलत इस्तेमाल किया।
इसमें से करीब 13,667 करोड़ रुपए दूसरी कंपनियों के लोन चुकाने में खर्च किए। 12,692 करोड़ रुपए रिलायंस ग्रुप की दूसरी कंपनियों को ट्रांसफर किए। इसके अलावा अनिल अंबानी के खिलाफ पर्सनल इन्सॉल्वेंसी (दिवालियापन) की कार्रवाई भी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) मुंबई में चल रही है।
लोन फ्रॉड मामले में अनिल अंबानी पर अगस्त 2025 तक क्या-क्या कार्रवाई हुई है ये भी देख लीजिए…

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