धनबाद सदर अस्पताल जल्द ही नए स्वरूप में दिखेगा। उपायुक्त (डीसी) आदित्य रंजन ने अस्पताल का निरीक्षण कर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इस पहल से अस्पताल परिसर में पार्किंग की उचित व्यवस्था होगी और रजिस्ट्रेशन काउंटर को भी सुव्यवस्थित किया जाएगा।
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निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के बीच, जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन गया है। डीसी आदित्य रंजन के प्रयासों, सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा और उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार प्रसाद की मेहनत से अस्पताल की व्यवस्था में व्यापक सुधार आया है। यही कारण है कि यहां इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है और लोगों का भरोसा भी बढ़ा है।
अस्पताल में अब लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, पैंक्रियाटिक एंजाइम, सीरम कैल्शियम, एलडीएच और हेमेटोलॉजी जैसी कई जांचें निःशुल्क उपलब्ध हैं। इसके लिए लैब को आधुनिक मशीनों से सुसज्जित किया गया है।
निरीक्षण के दौरान, डीसी रंजन ने पार्किंग क्षेत्र और पुराने भवनों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि जिला प्रशासन लोगों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि कई कार्य अभी प्रक्रिया में हैं, जिनके लिए अनुमान तैयार करने से लेकर टेंडर तक की प्रक्रिया चल रही है।
सदर अस्पताल की खाली पड़ी जमीन का उपयोग वाहनों की पार्किंग और अन्य विभागों के भवन निर्माण के लिए किया जाएगा। अस्पताल को नया रूप देने की यह तैयारी न केवल इसे सुसज्जित बनाएगी, बल्कि यहां आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलेंगी।
