एमपी-महाराष्ट्र के बीच फैले पेंच अभयारण्य में बाघिन तलाशने में पेच आ रहा है। दो दिन से कोटा वन्यजीव विभाग की टीम वहां है, लेकिन बाघिन मिल नहीं रही। टीमों ने शुक्रवार सुबह भी 6 बजे से हाथी पर बैठकर सर्चिंग शुरू की। ऑपरेशन की शुरुआत कैमरा ट्रैप स्टेशनो
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टाइगर एक्सपर्ट दौलतसिंह शक्तावत का मनाना है कि पेंच में सागौन के ऊंचे पेड़, बांस के घने झुरमुट और बीच-बीच में फैला झाड़ीदार इलाका विजिबिलिटी को कम कर देता है। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने कोटा में हेलिपेड की जगह देखीचीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन केसीए अरुण प्रसाद शुक्रवार को कोटा आएं। इस दौरान वार्डन ने मुकंदरा टाइगर रिजर्व में मध्यप्रदेश से लाई जाने वाली बाघिन के लिए हेलिपेड की स्थिति देखी है। उन्होंने लक्ष्मीपुरा आैर कोटा में जगह का निरीक्षण किया। साथ ही एक हैक्टेयर में बनाएं जा रहे सॉफ्ट एनक्लोजर भी देखा है।
चार हाथी स्क्वॉड तैनात
अधिकारियों का कहना है कि घने जंगल और कठिन इलाकों की सर्चिंग के लिए चार हाथी स्क्वॉड भी तैनात किए गए। इनकी मदद से दल ने ऐसे हिस्सों की भी पड़ताल की जहां पहुंचना मुश्किल होता है। खोज अभियान आगे भी जारी रहेगा। बाघिन का पता लगते ही उसे प्रोटोकॉल के अनुसार ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रूप से रामगढ़ लाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को इस तरह अंजाम दिया जा रहा है कि बाघिन को कोई तनाव या नुकसान न पहुंचे।
