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सोनीपत में गीता महोत्सव का दूसरा दिन: स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बांधा समां; सत्य को जीवन में अपनाने का संदेश – Gohana News

सोनीपत में गीता महोत्सव का दूसरा दिन:  स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बांधा समां; सत्य को जीवन में अपनाने का संदेश – Gohana News


गीता जयंती समारोह में सांस्कृतिक काय्रक्रम प्रस्तुत करते हुए लड़कियां।

सोनीपत में जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह के दूसरे दिन धर्म, ज्ञान और जीवन मूल्यों पर केंद्रित एक सेमिनार का आयोजन किया गया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षाविदों, विद्वानों और

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वक्ताओं ने गीता को केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला मार्गदर्शक बताया। उन्होंने जोर दिया कि गीता व्यक्ति को कर्तव्य, अनुशासन, सत्य, साहस और आत्मविश्वास के मार्ग पर अग्रसर करती है। सोनीपत में 30 नवंबर को जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह के दूसरे दिन धर्म, ज्ञान और जीवन मूल्यों पर केंद्रित सेमिनार का आयोजन किया गया।

गीता जयंती महोत्सव में छात्र कलाकारों के साथ भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बडौली, विधायक पवन खरखौदा व अन्य।

बड़ौली ने गीता को मानवता का मार्गदर्शक ग्रंथ बताया भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि गीता का संदेश किसी एक धर्म या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है और यह जीवन की कठिनाइयों का सामना करने के लिए आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि गीता में वर्णित कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग की शिक्षाएं आज की प्रतिस्पर्धा और तनावपूर्ण जीवनशैली में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी हजारों वर्ष पहले थीं। गीता व्यक्ति को कर्तव्यपालन के साथ निर्भीक, निष्काम और सत्यनिष्ठ रहने की प्रेरणा देती है, जिससे समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत होते हैं।

विधायक पवन खरखौदा ने गीता को सनातन संस्कृति का प्रतीक कहा विधायक पवन खरखौदा ने गीता को भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतीक बताया और कहा कि यह मनुष्य को निराशा से आशा की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में आशा, साहस और संकल्प चाहिए तो गीता के ज्ञान को आत्मसात करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश मनुष्य को निराशा से आशा, भ्रम से स्पष्टता और दुर्बलता से शक्ति की ओर ले जाता है।

सोनीपत में गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देती हुई छात्राएं।

सोनीपत में गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देती हुई छात्राएं।

मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी 1008 दयानंद सरस्वती जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण, राधा-मुकुंद युगल और गीता के दिव्य संदेश को स्मरण करते हुए कहा कि गीता केवल उत्सव का विषय भर नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला प्रेरणा सूत्र है।

उन्होंने कहा कि गीता को पढऩे, सुनने या कंठस्थ करने के साथ-साथ इसे जीवन में प्रैक्टिकल रूप से धारण करना हर मनुष्य के लिए आवश्यक है। जो व्यक्ति अर्जुन की तरह गीता को हृदय से सुनकर आत्मसात करता है, उसके जीवन की तस्वीर बदल जाती है।

मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी 1008 दयानंद सरस्वती महाराज ने गीता ज्ञान का प्रसार किया।

मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी 1008 दयानंद सरस्वती महाराज ने गीता ज्ञान का प्रसार किया।

सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश

सेमिनार में वक्ता के रूप में पानीपत से पहुंची ब्रह्मïकुमारी बहन सारिका ने कहा कि गीता केवल अर्जुन के लिए नहीं, बल्कि हम सबके लिए है, क्योंकि जो उठकर धर्म, कर्तव्य और सत्य के मार्ग पर चले, वही अर्जुन है। उन्होंने कहा कि ईश्वर साधारण स्वरूप में ही अवतरित होते हैं, ताकि लोग उन्हें समझ सकें, उनके ज्ञान को आत्मसात कर सकें और उन्हें चमत्कारों या बाहरी दिखावे का माध्यम न बना दें। आज का मनुष्य त्वरित परिणाम चाहता है, जबकि गीता का सार साधना, पुरुषार्थ और आत्मिक जागरण में निहित है।

बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गणमान्य व्यक्ति रहे उपस्थित समारोह में रामजस स्कूल, गोहाना स्थित राजकीय सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, ब्राइट स्कॉलर स्कूल, प्रीता कला केन्द्र, हिन्दू कन्या सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, दिल्ली विद्यापीठ, हैप्पी चाइल्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल तथा पाइट कॉलेज के बच्चों ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। इस दौरान सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के कलाकार राजीव भालौठ ने भी अपनी रंगारंग प्रस्तुति दी।

गीता जयंती महोत्सव के कुछ PHOTOS देखें

गीता जयंती महोत्सव में मौजूद अतिथिगण।

गीता जयंती महोत्सव में मौजूद अतिथिगण।

गीता जयंती महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती हुए छात्राएं।

गीता जयंती महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती हुए छात्राएं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती हुई छात्राएं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती हुई छात्राएं।



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