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PMO का नाम अब सेवा तीर्थ होगा: देशभर के राजभवन अब लोकभवन कहलाएंगे, मोदी बोले- हम सत्ता से सेवा की ओर बढ़े

PMO का नाम अब सेवा तीर्थ होगा:  देशभर के राजभवन अब लोकभवन कहलाएंगे, मोदी बोले- हम सत्ता से सेवा की ओर बढ़े


नई दिल्ली7 मिनट पहले

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तस्वीर 10 जून 2024 की प्रधानमंत्री कार्यालय की है।

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया गया। वहीं देश भर के राज्य भवन का लोक भवन होगा। वहीं, केंद्रीय सचिवालय का नाम कर्तव्य भवन होगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा- सत्ता से सेवा की ओर बढ़ रहे हैं। ये बदलाव प्रशासनिक नहीं, सांस्कृतिक है। सार्वजनिक संस्थानों में बड़ा बदलाव हो रहा है।

इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया था। वहीं प्रधानमंत्री आवास अब लोक कल्याण मार्ग कहलाता है। पहले पीएम का आधिकारिक निवास रेस कोर्स रोड कहलाता था, जिसे 2016 में बदला गया था।

क्यों बदला गया राज भवन का नाम?

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल राज्यपालों के सम्मेलन में हुई एक चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि राज भवन नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है। इसलिए राज्यपालों और उप-राज्यपालों के कार्यालयों को अब लोक भवन और लोक निवास के नाम से जाना जाएगा।

शिफ्ट होगा PMO

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दफ्तर (PMO) अब 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक से निकलकर ‘सेवा तीर्थ’ नाम वाले नए एडवांस कैंपस में शिफ्ट होने जा रहा है। यह बदलाव सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का बड़ा हिस्सा है। 14 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन सेवा तीर्थ-2 में सेना प्रमुखों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर चुके हैं।

सेवा तीर्थ में क्या-क्या होगा?

  • PMO सेवा तीर्थ-1 से काम करेगा।
  • सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय होगें।
  • सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का दफ्तर होगा।

कर्तव्य पथ के आसपास प्रशासनिक जोन में बदलाव

सरकार का लक्ष्य है कि कर्तव्य पथ (पूर्व राजपथ) के 3-किमी क्षेत्र को एक आधुनिक, पैदल चल सकने वाला और सरकारी जोन में बदला जाए। इसका बड़ा हिस्सा है नया कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS), जिसे अब ‘कर्तव्य भवन’ नाम दिया गया है।

यहां 10 नए ऑफिस ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें वे मंत्रालय शिफ्ट होंगे जो अभी शास्त्री भवन, निर्माण भवन और कृषि भवन जैसी पुरानी इमारतों में फैले हुए हैं। एक नया CCS ब्लॉक पिछले महीने उद्घाटन के बाद काम शुरू कर चुका है, जबकि तीन और ब्लॉक तैयार हैं।

नॉर्थ ब्लॉक–साउथ ब्लॉक का नया रूप

सेंट्रल विस्टा योजना के तहत ऐतिहासिक नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को आगे चलकर ‘युग-युगीन भारत संग्रहालय’ में बदला जाएगा। इसके लिए फ्रांस की म्यूजियम डेवलपमेंट एजेंसी से डील की गई है।

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