गुरुग्राम में पिछले साल नाइट क्लब के बाहर ब्लास्ट के बाद तैनात पुलिस टीम।
गुरुग्राम में एक साल पहले सेक्टर 29 स्थित क्लब के बाहर बम ब्लास्ट के मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने तीन और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट पंचकूला स्पेशल कोर्ट में दाखिल की। आरोपी विजय, अजीत सहरावत और विनय पर प्रतिबंधित आतंकवाद
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10 दिसंबर 2024 को सेक्टर 29 स्थित वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब बम के बाहर धमाके किए गए थे। इन पर भारतीय दंड संहिता (बीएनएस), एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराएं लगाई गई थी।
गुरुग्राम बम ब्लास्ट मामले में एनआईए की टीम जांच कर रही है।
विदेश में बैठे गैंगस्टरों के शॉर्प शूटर
एनआईए द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ कि तीन अमेरिका और कनाडा से अपना नेटवर्क चला रहे गैंगस्टर रणदीप मलिक और रोहित गोदारा के शूटर हैं। रोहित गोदारा कनाडा स्थित आतंकवादी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का करीबी सहयोगी माना जाता है।
गोल्डी बराड़ के खिलाफ पहले ही चार्जशीट
एनआईए इस मामले में पहले ही जून 2025 में गोल्डी बराड़ समेत पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इन तीनों आरोपियों को बीकेआई के चरमपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए विदेशी आतंकी हैंडलर्स से विस्फोटक सामग्री और टेरर फंड उपलब्ध करवाए गए थे। साजिश का उद्देश्य हरियाणा और अन्य उत्तरी राज्यों में शांति भंग करना और कानून व्यवस्था को अस्थिर करना था।
फंडिंग नेटवर्क खंगाल रही एनआईए
जांच में यह भी सामने आया है कि विदेश में बैठे आतंकी हेंडलर्स के निर्देश पर काम करने वाले लोगों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और आतंकी गतिविधियों के विभिन्न पहलुओं को संचालित करता है। एनआईए अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साजिशकर्ताओं और फंडिंग चैनलों का पता लगाने में जुटी हुई है।
