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पिथौरागढ़ में बंजर खेतों में महकी गुलाब की खुशबू: रोज वॉटर तैयार कर बाजार में बेच रही महिला, पलायन रोकने में बनी मिसाल – Pithoragarh News

पिथौरागढ़ में बंजर खेतों में महकी गुलाब की खुशबू:  रोज वॉटर तैयार कर बाजार में बेच रही महिला, पलायन रोकने में बनी मिसाल – Pithoragarh News


पसमा गांव में गुलाब की खुशबू दूर-दूर तक फैल रही है।

पिथौरागढ़ के कनालीछीना ब्लॉक के गर्खा क्षेत्र के पसमा गांव में गुलाब की खुशबू दूर-दूर तक फैल रही है। बबीता सामंत ने अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ अपने गांव को खुशहाल बनाया, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनीं।

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बबीता ने गुलाब की खेती से गुलाब जल तैयार कर बाजार में बेचा और गांव के 11 लोगों को रोजगार भी दिया। उनकी कहानी उन लोगों के लिए एक मिसाल है जो रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। बबीता ने साबित कर दिया कि अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो गांव में भी रहकर सफलता हासिल की जा सकती है।

साल 2020 में खेतों को आबाद करने का काम शुरू किया।

2020 में खेतों को किया आबाद बबीता ने बताया कि उनके पति कैप्टन महेंद्र सामंत मर्चेंट नेवी में तैनात हैं और उनका बचपन गांव में ही बीता है। जब वह घर आती थी तो बंजर खेतों को हरा भरा कर जैविक खेती करने की बात करती। यह कार्य आसान नहीं था, लेकिन बबीता ने पति की इच्छा के अनुसार अपने चचेरे भाई कमलेश के सहयोग से साल 2020 में खेतों को आबाद करने का काम शुरू किया।

बंजर खेतों में अदरक लगाने से की शुरुआत बबीता सामंत ने सबसे पहले अपने खेतों में अदरक की खेती की। अदरक से उनकी 50 हजार की इनकम हुई। इसके बाद उन्होंने गांव के सीढ़ीनुमा खेतों में गुलाब की खेती करने का प्लान किया। इसके लिए पावर ट्रिलर से खेतों की जुताई की। इतनी बड़ी भूमि में सिंचाई की सुविधा नहीं थी, इस पर उन्होंने करीब डेढ़ किलोमीटर दूर डांगटी गांव से पाइपलाइन से खेतों तक पानी पहुंचाया। गांव के ही पांच लोगों को रोजगार से जोड़ा।

दमिस्क गुलाब की पंखुड़ियां 1500 से 1800 रुपए किलो तक बिकती हैं।

दमिस्क गुलाब की पंखुड़ियां 1500 से 1800 रुपए किलो तक बिकती हैं।

एक हेक्टेयर में महक रहे बुल्गारियन दमिस्क प्रजाति के गुलाब बबीता सामंत ने सगंध पौधा केंद्र (CAP) सेलाकुई के सहयोग से साल 2022 में गुलाब के तीन हजार पौधे लगाए। दमिस्क गुलाब की पंखुड़ियां 1500 से 1800 रुपए किलो तक बिकती हैं। विशेष बात यह है कि इसके तेल की बाजार में काफी मांग है और इसके तेल का समर्थन मूल्य साढ़े पांच लाख रुपए प्रति किलो तक है। 40 से 50 क्विंटल फूलों से एक किलो तेल निकलता है। इसके अलावा गुलाब के फूलों से बबीता सामंत गुलाब जल भी तैयार कर रही हैं। उनके यह प्रोडक्ट हिमग्रेस के नाम से बाजार में बिकते हैं। उनका कहना है कि गुलाब की खेती को धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है।

हिमग्रेस के नाम से अन्य उत्पाद भी बाजार में मौजूद बबीता सामंत गुलाब की खेती के साथ ही अन्य प्रोडक्ट भी बना रही हैं। इनमें कुल 28 प्रोडक्ट शामिल हैं। इसमें हिमग्रेस नाम से बाजार में शहद बिकता है। इसके अलावा बद्री गाय का घी, गुलाब जल, रोजमेरी अर्क, निटल चाय, कैमोमाइल चाय, तुलसी अर्क, करी पत्ता अर्क, लेमन ग्रास अर्क मुख्य रूप से शामिल है।

भविष्य में हर्बल साबुन और शैम्पू बनाने की योजना उन्होंने बताया कि हिमालयन रीजन में पाए जाने वाली गंद्रायण, कुटकी, जंबू, छुरपी भी हिमग्रेस के नाम से बाजार में बिकती है। बबीता सामंत ने बताया कि भविष्य में हर्बल साबुन और शैम्पू बनाने की योजना है।



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