धनबाद जिले के केंदुआडीह क्षेत्र में गैस रिसाव की घटनाओं से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इन घटनाओं के कारण लगातार हो रही मौतों से पूरे इलाके में भय का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने कोयला प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निर्णायक संघर्
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पुटकी अंचल अधिकारी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें एक व्यक्ति का शव लाए जाने की सूचना मिली थी। प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारी ने कहा कि पहले बचाव कार्य जारी था और स्थिति सामान्य होने का दावा किया जा रहा था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी
तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे थे, इसके बावजूद यह घटना सामने आई है। अंचल अधिकारी के अनुसार, मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी।
स्थानीय निवासी कृष्णा रावत ने गैस रिसाव की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर कोयला प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले ही प्रबंधन को आगाह किया गया था कि ‘नए दौड़ा’ इलाके में गैस की मात्रा अधिक है और वहां बोरहोल करके नाइट्रोजन भरने की आवश्यकता है।
हालांकि, इस चेतावनी पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। रावत का आरोप है कि प्रबंधन की इसी लापरवाही के कारण यह तीसरी मौत हुई है।
स्थानीय लोगों ने घोषणा की है कि वे सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई की जाती, तो इन जिंदगियों को बचाया जा सकता था। निवासियों ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शेंगे नहीं।
