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पंजाब विधानसभा का मनरेगा पर स्पेशल सेशन आज: 9 रिपोर्ट की जाएगीं पेश, प्रश्नकाल व शून्यकाल नहीं होगा, चार साहिबजादों को करेंगे नमन – Chandigarh News

पंजाब विधानसभा का मनरेगा पर स्पेशल सेशन आज:  9 रिपोर्ट की जाएगीं पेश, प्रश्नकाल व शून्यकाल नहीं होगा, चार साहिबजादों को करेंगे नमन – Chandigarh News


पंजाब विधानसभा का आज मनरेगा पर स्पेशल सेशन। फाइल फोटो।

पंजाब सरकार की ओर से आज, मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। केंद्र सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत- गारंटी फॉर रोज

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इस विशेष सत्र के दौरान मनरेगा अधिनियम में किए गए संशोधनों को वापस लेने की मांग की जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा। हालांकि, इस सत्र में प्रश्नकाल और शून्यकाल (जीरो ऑवर) नहीं होगा।

सत्र की शुरुआत सुबह ठीक 11 बजे होगी। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां की अध्यक्षता में यह सत्र आयोजित किया जाएगा। सदन हंगामेदार रहने के पूरे आसार है। विपक्ष द्वारा कानून व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की जाएगी।

4 साहिबजादों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

सत्र की शुरुआत में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की अतुलनीय शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद पंजाब के पूर्व गवर्नर शिवराज चौहान, पूर्व मंत्री जगतार सिंह मुल्तानी, पूर्व राज्य मंत्री तारा सिंह लाडल और पूर्व विधायक तरलोचन सिंह सूंध को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इन सभी का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। सदन में 9 रिपोर्टें पेश होगी।

पंजाब सीएम भगवंत मान विधानसभा में बात रखते हुए। फाइल फोटो

पंजाब सीएम भगवंत मान विधानसभा में बात रखते हुए। फाइल फोटो

मनरेगा पर प्रस्ताव पेश होगा

सत्र के अंत में मनरेगा को लेकर प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से यह मांग की जाएगी कि मनरेगा की अधिकार-आधारित और पूरी तरह केंद्र-प्रायोजित संरचना को बरकरार रखा जाए तथा नए कानून की विवादित धाराओं पर पुनर्विचार किया जाए। इसमें मुख्य आठ बिंदु रहेंगे –

  • केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को नए “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025” से बदलने के कदम की निंदा।
  • नए कानून में गारंटी को बजट-सीमाओं से जोड़ने पर आपत्ति, जिससे रोजगार का कानूनी अधिकार कमजोर होने की आशंका।
  • 60:40 केंद्र-राज्य वित्तीय हिस्सेदारी से राज्यों पर हज़ारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ।
  • डिमांड-ड्रिवन व्यवस्था समाप्त होने से समय पर काम और भुगतान न मिलने का खतरा।
  • कृषि मौसम में 60 दिन तक काम रोकने के प्रावधान पर आपत्तिएससी, महिलाएं और भूमिहीन मज़दूर सबसे अधिक प्रभावित।
  • पंचायत और ग्राम सभा की भूमिका घटने तथा अत्यधिक केंद्रीकरण पर चिंता।
  • सीमित कार्य-श्रेणियां तय होने से स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम चुनने की आज़ादी में कमी।
  • डिजिटल और बायोमेट्रिक निर्भरता से तकनीकी गड़बड़ियों के कारण काम और भुगतान में बाधा की आशंका सीएम भगवंत मान प्रेस कारते हुए। फाइल फोटो पीसी में भाजपा को घेरने के दिए संकेत सोमवार को जब सीएम भगवंत मान पीसी कर रहे थे तो मीडिया ने उनसे सवाल किया बाजवा साहब ने स्पीकर रूटीन सेशन बुलाने को लेकर पत्र लिखा है। इसके जवाब में सीएम ने कहा कि हम तो सेशन बुला रहे है, उन्हें बोलने का मौका मिलता है ।
  • बीजेपी का सर्दी का सेशन 15 दिन का था। पहले दो-दो महीने चलता था। 14 घंटा पहले मनरेगा का बिल लेकर आए हैं। रविवार को राष्ट्रपति से साइन करवा लिए। उसका जवाब जाखड़ साहब के पास नहीं है। बाजवा साहब तो आए, वह पांच जनवरी से कुछ शुरू करने जा रहे हैं।



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