बेंगलुरु7 घंटे पहले
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ध्रुव NG हेलिकॉप्टर के इनॉगरेशन में सिविल एविशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने झंडी दिखाई।
नेक्स्ट जनरेशन सिविल हेलिकॉप्टर ध्रुव NG ने मंगलवार को बेंगलुरु हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के फैसिलिटी सेंटर से पहली उड़ान भरी। इसे HAL ने ही बनाया है।
ध्रुव हेलिकॉप्टर अब तक सिर्फ सशस्त्र बलों की जरूरतें पूरी करता रहा है। आगे आम नागरिक भी इसमें सफर कर सकेंगे। इसका मकसद मेडिकल इमरजेंसी, पर्यटन, दूरदराज के इलाकों की कनेक्टिविटी और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर सेवाओं को बढ़ाना है।
इस मौके पर केंद्रीय सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू भी मौजूद थे। इससे पहले, भारतीय सेना ध्रुव हेलिकॉप्टर का पहाड़ों, रेगिस्तान और समुद्री इलाकों में अपने ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल करती रही है।
4 तस्वीरों में देखिए इनॉगरेशन…

पहली उड़ान के दौरान ध्रुव NG हेलिकॉप्टर।

ध्रुव NG हेलिकॉप्टर को वॉटर सैल्यूट दिया गया।

राम मोहन नायडू से अधिकारियों ने हेलिकॉप्टर के बारे में जानकारी ली।

कॉकपिट के बारे में अंदर बैठकर सिविल एविएशन मिनिस्टर ने समझा।
सिविल और यूटिलिटी हेलिकॉप्टर बाजार पर फोकस कर रही HAL
HAL तेजी से बढ़ रहे सिविल और यूटिलिटी हेलिकॉप्टर बाजार पर फोकस कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, एयर एम्बुलेंस, ऑफशोर ऑपरेशंस, आपदा राहत और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में मांग बढ़ रही है। इसी को देखते हुए सरकारी एयरोस्पेस कंपनी सैन्य प्लेटफॉर्म से आगे अपने दायरे का विस्तार करना चाहती है।
ध्रुव-NG की पहली उड़ान को भारत के स्वदेशी रोटरी-विंग विमान प्रोग्राम में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। साथ ही, इसे सिविल एविएशन मार्केट में HAL की लंबी रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत में इस समय करीब 400 सिविल हेलिकॉप्टर
भारत में सिविल हेलिकॉप्टरों की संख्या बहुत कम है। पूरे देश में इस समय करीब 300 से 400 सिविल हेलिकॉप्टर ही ऑपरेट हो रहे हैं। इसकी तुलना में अमेरिका में 12,000 से ज्यादा नागरिक हेलिकॉप्टर हैं।
ब्राजील जैसे छोटे देश में भी लगभग 2,500 हेलिकॉप्टर हैं, जबकि चीन में 1,200 से ज्यादा सिविल हेलिकॉप्टर काम कर रहे हैं। बड़ी आबादी और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए भारत में इस सेक्टर के बढ़ने की काफी संभावना है।

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