पूर्णिया में मंगलवार सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि अधिकतम तापमान महज 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई इस बड़ी गिरावट से शीतलहर और कनकनी ने लोगों की परेशानी बढ़ा द
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सुबह के समय आंशिक से मध्यम कोहरा छाया रहा। वहीं, दिनभर 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली पछुआ हवाएं चलती रहीं। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव और रूम हीटर का सहारा लेते नजर आए।
पिछले 48 घंटे में अधिकतम तापमान में 6 डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा था।
तापमान सामान्य से करीब 8 डिग्री नीचे चला गया है। इससे पहले रविवार को अधिकतम तापमान 17.6 और न्यूनतम 12.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। दिन और रात के तापमान में अंतर भी घटकर महज 5 से 6 डिग्री के आसपास रह गया है। मौसम विभाग ने जिले में अगले 48 घंटे के लिए घने कुहासे और शीतलहर को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
सुबह के वक्त छाया रहा मध्यम स्तर का कोहरा।
सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रही
ठंड और कोहरे का असर जनजीवन पर साफ तौर पर दिख रहा है। लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं, जिससे सड़कों पर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही काफी कम हो गई है। बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। अधिकतर दुकानें देर तक बंद रहीं और इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। बुजुर्गों और बच्चों पर ठंड का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है।

बर्फीली हवाएं चलने से लोग ठंड से ठिठुरते रहे।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
भास्कर से बातचीत में मौसम वैज्ञानिक राकेश कुमार ने बताया कि जिले में पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। इसके चलते फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। 48 घंटे के बाद ही मौसम में आंशिक सुधार की संभावना जताई जा रही है।
