वीडियो जारी कर जानकारी देते सीएम धामी।
किता भंडारी प्रकरण में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है।
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यह निर्णय स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता-पिता के अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने स्वयं अंकिता के माता–पिता से मुलाकात की थी, जहां उन्होंने CBI जांच कराने की मांग रखी थी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा।

बुधवार रात अंकिता के परिवार से मिले थे सीएम धामी।
सीएम धामी ने कही 5 बड़ी बातें
- माता–पिता के अनुरोध पर CBI जांच की संस्तुति: मुख्यमंत्री ने बताया कि अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात के दौरान उन्होंने CBI जांच कराने का अनुरोध किया, जिसके बाद सरकार ने इस प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति देने का निर्णय लिया।
- घटना के बाद बिना विलंब के कार्रवाई: मुख्यमंत्री के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी देरी के कार्रवाई की और पूरे मामले को गंभीरता से लिया।
- महिला IPS अधिकारी के नेतृत्व में SIT का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला IPS अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
- अभियुक्तों की गिरफ्तारी से लेकर सजा तक: मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया। राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की गई, जिसके चलते विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी और निचली अदालत ने अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
- ऑडियो क्लिप्स पर FIR, जांच जारी: मुख्यमंत्री ने बताया कि सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं और इन मामलों में जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है।

