मधुबनी में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई को लेकर जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में यह बैठक हुई। जिलाधिकारी ने नशीली दवाओ
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जिलाधिकारी ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतरविभागीय समन्वय को मजबूत करना है। उन्होंने नशीली दवाओं के खतरे को रोकने के लिए प्रभावी उपाय लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायत राज जनप्रतिनिधियों, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, मद्य निषेध, वन विभाग जैसे विभिन्न विभागों के माध्यम से समन्वय स्थापित कर इन गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाए।
लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया
डीएम ने नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों को नियमित रूप से चिह्नित करने का निर्देश दिया।
इस संबंध में सहायक औषधि निरीक्षक को सख्त निर्देश दिए गए कि जिले की सभी दवा दुकानों, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही दुकानों पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही, औचक छापेमारी कर स्टॉक का सत्यापन और दवाओं की जांच की जाए।

दवा दुकानों की जांच संबंधी रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराएं
सहायक औषधि निरीक्षक को यह भी निर्देशित किया गया कि दवा दुकानों की जांच संबंधी रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराएं। इस रिपोर्ट में सील की गई अवैध दुकानों, दर्ज किए गए मामलों और रद्द किए गए लाइसेंसों से संबंधित जानकारी होनी चाहिए।
पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अंतरविभागीय समन्वय बनाते हुए लगातार छापेमारी करें। सीमा से जुड़े प्रखंडों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। सिनेमा हॉल के आसपास, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य महत्वपूर्ण भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार अभियान चलाए जाएं।
अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ भी लगातार जांच अभियान
जिलाधिकारी ने अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ भी लगातार जांच अभियान चलाने को कहा। दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि पंजीकृत नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्र विभागीय दिशा-निर्देशों और मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
