पंचकूला में सांकेतिक उपवास पर बैठे कांग्रेसी वर्कर।
पंचकूला में मनरेगा का नाम और कानून बदले जाने के विरोध में कांग्रेस ने महात्मा गांधी चौक पर एक दिन का सांकेतिक उपवास रखा। प्रदर्शन के जरिए सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए और मनरेगा बचाओ अभियान के तहत आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही गई।
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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बदलाव से गांव के गरीब और मजदूर सीधे प्रभावित होंगे, इसलिए कांग्रेस अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने बैठकर विरोध जता रही है।
महात्मा गांधी चौक पर जुटे कांग्रेसी, सरकार पर तीखे आरोप
जिला अध्यक्ष संजय चौहान की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ रोष जताया। नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि 45 दिन तक चलने वाला मनरेगा बचाओ अभियान है, जिसके तहत अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
उनका कहना था कि सरकार ने मनरेगा का केवल नाम ही नहीं बदला, बल्कि कानून की मूल भावना को भी बदल दिया है। चौहान ने कहा कि वे आंदोलन को गांव स्तर तक लेकर जाएंगें। हर व्यक्ति को नई स्कीम के बारे में जागरूक किया जाएगा।
पंचकूला में सांकेतिक उपवास के दौरान जानकारी देते पूर्व चेयरमैन रविंद्र रावल।
कांग्रेस ने जलाया चूल्हा, बीजेपी बुझा रही: रावल
पंचकूला के पूर्व चेयरमैन रविंद्र रावल ने कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा के जरिए गरीब के घर का चूल्हा जलाने का काम किया था, जबकि आज बीजेपी उसी चूल्हे को बुझाने का काम कर रही है। नई स्कीम में प्रदेशों पर 40 प्रतिशत का बोझ लाद दिया गया है।
उन्होंने कहा कि, राज्य तो पहले से ही कर्ज के बोझ तले चल रहे हैं। ऐसे में उनके पास योजना के लिए पैसा कहां से आएगा। हरियाणा व पंजाब जैसे प्रदेशों की माली हालत ठीक नहीं है। ऐसे में योजना में बदलाव की जरूरत है।
