महिलाओं द्वारा सर्विस रोड किया गया जाम व तैनात पुलिस।
पलवल जिले के बंचारी गांव में मानसिक प्रताड़ना और झूठे मुकदमे के दबाव के चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे-19 के सर्विस रोड पर शव रखकर न्याय की मांग की। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ज
.
मुंडकटी थाना पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत पर नाबालिग की मां सहित दो नामजद और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घर में चोरी के इरादे से घुसा था नाबालिग
मुंडकटी थाना प्रभारी तेजपाल के अनुसार, बंचारी गांव के जितेंद्र ने अपनी शिकायत में बताया कि 10 दिसंबर 2025 की रात करीब 1 बजे गांव का एक नाबालिग अपने दो साथियों के साथ उनके घर में चोरी के इरादे से घुस आया था। परिजनों ने जागने पर एक नाबालिग को मौके पर पकड़ लिया और तुरंत डायल 112 को सूचना दी गई। डायल 112 की टीम ने पकड़े गए आरोपी को उसके परिजनों को सौंप दिया था।
मौके पर मौजूद लोगों की भीड़।
परिवार को लगातार प्रताड़ित किया
शिकायत में आरोप लगाया कि तिगांव के जितेंद्र चंदेलिया, नाबालिग की मां और अन्य लोगों ने कानून का दुरुपयोग करते हुए 13 दिसंबर 2025 को जितेंद्र के परिवार के खिलाफ मुंडकटी थाने में एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो के तहत मुकदमा दर्ज करवा दिया। आरोप लगाया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद खुद को अनुसूचित जाति का नेता बताने वाले जितेंद्र चंदेलिया ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।
दबाव बनाने के लिए दी सुसाइड की धमकी
आरोप है कि आरोपी पीएम, सीएम, डीजीपी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोपी जितेंद्र चंदेलिया ने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए खुदकुशी की धमकी दी और उनके परिवार से मोटी रकम देने की मांग की गई। इस लगातार प्रताड़ना के कारण शिकायतकर्ता के दादा भीमसिंह को लकवा मार गया जो चारपाई पर हैं। शिकायत में कहा है कि उनका परिवार एक सामाजिक परिवार है।
प्रताड़ना के डर से घर छोड़ने को मजबूर
आरोपियों द्वारा समाज में उनकी इज्जत को तार-तार किया गया। आरोप है कि लगातार मिल रही धमकियों और इज्जत के लिए उनके पिता राजेन्द्र सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाए और उनकी मौत हो गई। प्रताड़ना के डर से परिवार घर छोड़ने को भी मजबूर हो गया है। पीड़ित ने कहा कि उसकी मौत के जिम्मेदार वे लोग हैं, जिन्होंने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया और मानसिक शोषण किया।
पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया शव
राजेंद्र की मौत के बाद ग्रामीण एकत्रित हुए और शव को नेशनल हाईवे-19 के साथ सर्विस रोड़ पर रखकर न्याय की गुहार लगाई। मुंडकटी थाना प्रभारी तेजपाल व डीएसपी साहिल ढिल्लो पुलिस के साथ पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपी जितेंद्र चंदेलिया व बच्चे की मां सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर कार्यवाही की जाए। जिसको पुलिस ने मान लिया और मुकदमा दर्ज कर लिया।
जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भिजवा दिया।
