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शीतलहर की चपेट में सरगुजा संभाग, कड़ाके की ठंड: अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से नीचे, पाट इलाकों में पड़े पाले – Ambikapur (Surguja) News

शीतलहर की चपेट में सरगुजा संभाग, कड़ाके की ठंड:  अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से नीचे, पाट इलाकों में पड़े पाले – Ambikapur (Surguja) News

उत्तरी शीतलहर के कारण सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बलरामपुर जिले के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया, वहीं अंबिकापुर में भी न्यूनतम तापमान 4 डिग्री के नीचे चला गया है। संभाग के पाट से लेकर मैदानी इलाकों में भी शुक्रवार को जमकर पाले पड़े। मौसम विभाग ने 6 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। यहां अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री तक पहुंचा है। अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री दर्ज उत्तर से आ रही सर्द हवाओं के कारण सरगुजा संभाग में जनवरी के दूसरे पखवाड़े में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आई है। शुक्रवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया है। गुरुवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री दर्ज किया गया था। शीतलहरों के कारण तेज धूप के बावजूद दिन का अधिकतम तापमान नहीं बढ़ पाया है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री दर्ज किया गया है, जो औसत से कम तापमान है। पाट से लेकर मैदानी इलाकों में पड़े पाले संभाग के सभी पाट क्षेत्रों के साथ मैदानी इलाकों में शुक्रवार को भी पाले पड़े हैं। पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर जाने के कारण जमकर पाला पड़ रहा है। मैदानी इलाकों में भी न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे तक गिर जाने के कारण ओंस की बूंदें जमने लगी हैं। बलरामपुर जिले के मैदानी इलाकों में भी न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री दर्ज किया गया है। सामरी पाट एवं कोरिया जिले के सोनहत में भी लगातार पाला पड़ रहा है। दो दिनों में मिल सकती है राहत मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया एवं एमसीबी जिलों में शीतलहरों के लिए अलर्ट जारी किया है। शीतलहरों के कारण आगामी दो दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि उत्तर में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके कारण दो दिनों बाद तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इसके बाद कड़ाके की ठंड से लोगों को कुछ राहत मिलेगी। जनजीवन हो रहा प्रभावित सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शाम होते ही ग्रामीण इलाकों में सन्नाटा पसर जा रहा है। लोग ठंड से बचने अलाव का सहारा ले रहे हैं। कड़ाके की ठंड के कारण सुबह की पाली में स्कूली बच्चे भी ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं।



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