चंडीगढ़ के फाइनेंसर राजेश चोपड़ा की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) कुरुक्षेत्र ने उसे अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। आरोपी मोनू उर्फ लुक्का सोनीपत के गांव फतेहपुर का रहने वाला है। चंडीगढ़ में शराब पार्टी के दौरान मां-बहन के बारे में गलत बोलने पर मोनू ने राजेश की गर्दन काटी थी। इसके बाद उसके शव को कुरुक्षेत्र में शाहाबाद के जीटी रोड स्थित दंगल ग्राउंड के पास फेंक दिया था। मोनू अपने साथी के पास काम करने के लिए चंडीगढ़ आया था। उसी के पास वह रहता था। उसी के जरिए मोनू की राजेश चोपड़ा से दोस्ती हुई थी। फिलहाल मोनू का साथी फरार है। रामलीला ग्राउंड के पास की पार्टी
सूत्रों के मुताबिक, राजेश चोपड़ा 14 जनवरी की रात को आरोपी मोनू के साथ पंजाब के फाजिल्का में अपने मामा की रस्म पगड़ी में शामिल होने की बात अपनी बेटी शीनम से कहकर निकला था। फाजिल्का जाने से पहले राजेश ने चंडीगढ़ के सेक्टर-40 से चिकन खरीदा था। उसके बाद ठेके से शराब की बोतल खरीदकर पार्टी करने के लिए रामलीला ग्राउंड के पास चले गए। पार्टी के दौरान सब लोग चले गए
यहां उनके साथ मोनू का साथी, एक लड़की और कई अन्य लोग भी थी। इस लड़की को राजेश चोपड़ा ने अपने परिवार को मोनू की वाइफ कहकर मिलवाया था, जबकि मोनू की शादी नहीं हुई थी। पार्टी के दौरान राजेश, मोनू और उसके साथी को छोड़कर सब अपने घर चले गए थे। सबके जाने के बाद हुई कहासुनी
इसी दौरान राजेश ने मोनू को गालियां देनी शुरू कर दी। मोनू ने उसे समझाने की कोशिश की। लेकिन राजेश ने मोनू की मां और बहन के बारे में गलत बोलने लगा। इसे लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। मोनू ने चाकू से राजेश पर हमला कर दिया। हत्या के बाद आई-20 कार में फेंका शव
मोनू ने राजेश की गर्दन के साथ और कई जगह पर वार किया, जिससे राजेश की मौत हो गई। उसके बाद मोनू ने अपने साथी के साथ आई-20 कर में शव को डालकर शाहाबाद के पास दंगल ग्राउंड में फेंक दिया। आरोपियों ने राजेश के गले से सोने की चेन और उंगली से अंगूठी निकाल ली। 14 जनवरी को बेटी के घर आए
राजेश चोपड़ा (57) कुछ समय पहले ही चंडीगढ़ से मोहाली के सेक्टर-79 में शिफ्ट हुए थे। राजेश चंडीगढ़ में फाइनेंसर का काम करते थे। राजेश के दामाद शेखर साहनी ने बताया कि 14 जनवरी की दोपहर करीब 3:30 बजे उसके ससुर राजेश अपनी बेटी शीनम से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे थे। फाजिल्का नहीं पहुंचे राजेश
शेखर ने आगे बताया कि शाम को उसके ससुर ने शीनम को मोनू के साथ फाजिल्का जाने की बात कही थी। अगले दिन अपने मामा की पगड़ी की रस्म में शामिल होना था। रात को उसके ससुर ने अपने भांजे मोहित गगनेजा के पास रुकना था। अगले दिन परिवार काे राजेश की मौत की सूचना मिली थी। डेबिट कार्ड से हुई थी पहचान
पुलिस को शव के पास 2 डेबिट कार्ड (ATM) बरामद हुए थे। एक कार्ड पर राजेश और दूसरे पर भारती शाह का नाम लिखा था। पुलिस ने इन कार्डों के जरिए शव की पहचान करके फैमिली को सूचना देकर बुलाया। फैमिली ने कुरुक्षेत्र आकर शव की पहचान राजेश चोपड़ा के रूप में कर दी थी। मोनू पर लगाया था हत्या का आरोप
परिवार ने मोनू पर हत्या का आरोप लगाया था। बयान पर GRP ने मोनू और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238(बी) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई थी। दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
GRP थाना कुरुक्षेत्र के SHO संजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल आई-20 कार को बरामद किया था। मोनू के साथी की तलाश जारी रही है।
Source link
