सीवान के बड़हरिया थाना क्षेत्र के बहुआरा गांव में सोमवार को घर की ढलाई के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मौके पर भगदड़ मच गई। घायल मजदूर को आनन-फानन में सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान जीबी नगर थाना क्षेत्र के डुमरी गांव निवासी स्व. राधकिशुन चौरसिया के 30 वर्षीय पुत्र नागेंद्र चौरसिया के रूप में हुई है। नागेंद्र रोजाना की तरह सोमवार को भी बहुआरा गांव में एक मकान की ढलाई के काम पर गया था। बताया जाता है कि ढलाई के दौरान वह मशीन के पास खड़ा था। अचानक मशीन से करंट प्रवाहित हो गया और नागेंद्र उसकी चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट लगते ही नागेंद्र जोर से चिल्लाया और मौके पर बेहोश होकर गिर पड़ा. साथी मजदूरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। साथ में काम कर रहे मजदूरों ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना के समय ढलाई का काम तेजी से चल रहा था। नागेंद्र मशीन के तारों के पास खड़ा था। तकनीकी खराबी या खुले तार के कारण हुआ हादसा किसी तकनीकी खराबी या खुले तार के कारण तेज करंट प्रवाहित हुआ और नागेंद्र उसकी चपेट में आ गया साथी मजदूरों ने तुरंत उसे वाहन से सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद भी मालिक और ठेकेदार ने नहीं रोका काम घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक मजदूर की मौत के बाद भी घर मालिक और ठेकेदार ने ढलाई का काम बंद नहीं कराया। जानकारी के मुताबिक करंट लगने के बाद तार को ठीक कर ढलाई जारी रखी गई। इससे मजदूरों में नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने इसे मानवता और सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी बताया। बड़हरिया थाना प्रभारी छोटन कुमार ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी मिली है, लेकिन अब तक मृतक परिवार की ओर से कोई फोन या आवेदन थाने में नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिजन आवेदन देते हैं तो पुलिस मौके पर पहुंचकर आवश्यक जांच और कार्रवाई करेगी। गौरतलब है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरणों की कमी और विद्युत लाइन की लापरवाही मजदूरों के लिए बड़ी जोखिम बनती जा रही है। स्थानीय लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।
Source link
