पंजाब पुलिस द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन प्रहार’ के दूसरे दिन भी गैंगस्टरों के खिलाफ एक्शन जारी है। मिशन के दूसरे दिन आज फाजिल्का में पुलिस ने एक बदमाश का एनकाउंटर किया है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए जब घेरा तो उन्होंने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। आरोपी ने फाजिल्का कोर्ट कॉम्पलेक्स में गोलीबारी की थी। कुछ दिन पहले ही बदमाश ने फाजिल्का कोर्ट में पेश को आए युवक का मर्डर किया था। पुलिस ने अब उसे जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया है। बता दें कि पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मंगलवार को 72 घंटे का ऑपरेशन प्रहार शुरू किया था। इस ऑपरेशन में दो हजार पुलिस टीमें उतारी गईं। पहले दिन गैंगस्टरों के 1314 सहयोगी पकड़े पंजाब पुलिस ने पहले दिन राज्यभर में विदेश-आधारित गैंगस्टरों के 1314 सहयोगियों और साथियों को हिरासत में लिया है। सभी से बारीकी से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद आज सुबह से ऑपरेशन जारी है। मोहाली, बठिंडा, जालंधर, अमृतसर, तरनतारन, मोगा समेत सभी जिलों में पुलिस एक्टिव है। कोशिश यही है कि इस ऑपरेशन से गैंगस्टरों की कमर तोड़ी जाए। गैंगस्टर एक्टिविटीज पर नजर, हेल्पलाइन नंबर जारी बता दें कि ऑपरेशन के तहत पूरे स्टेट में गैंगस्टर, उनके साथियों और उनकी एक्टिविटीज में शामिल परिवार के लोगों की जांच कर रही हैं। गैंगस्टरों के बारे में सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी जारी किया। पुलिस के ऑपरेशन प्रहार शुरू करते ही बीते दिन अमृतसर, जालंधर और मंडी गोबिंदगढ़ में एनकाउंटर किए। डीआईजी संदीप गोयल ने बताया कि अमृतसर में कुख्यात गैंगस्टर मनी प्रिंस का एनकाउंटर किया था, जिसपर करीब 50 मामले दर्ज थे। घरिंडा थाना क्षेत्र में मनी को पकड़ने की कोशिश की गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मनी की मौत हो गई। गैंगस्टरों को लेकर DGP गौरव यादव की अहम बातें… 60 गैंगस्टर, उनके सहयोगी और परिवार मैप किए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि राज्य में सक्रिय मुख्य गैंगस्टरों की पहचान की गई है, जिनमें से कई विदेशों में बैठे हैं। पुलिस ने इन गैंगस्टरों से जुड़े सैकड़ों सक्रिय सहयोगियों और पारिवारिक सदस्यों को भी मैप किया है। निगरानी और कार्रवाई के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो विभिन्न स्थानों पर दबिश और पूछताछ कर रही हैं। परिवार की संलिप्तता मिलने पर भी कार्रवाई डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी गैंगस्टर के परिवार के सदस्य की भूमिका किसी भी आपराधिक गतिविधि में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विदेशों में बैठे अपराधी खुद को सुरक्षित न समझें। साथ ही, भटके हुए युवाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील की गई है। ट्रैवल एजेंट और क्रिमिनल फाइनेंसिंग पर शिकंजा पुलिस क्राइम फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है। ड्रग तस्करी से जुड़ी संपत्तियों को फ्रीज किया गया है। गैंगस्टरों से जुड़े एसेट्स और बिजनेस पर भी कार्रवाई की जा रही है। अवैध तरीके से अपराधियों को विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। विदेशों में बैठे गैंगस्टर भारत लाने की प्रक्रिया तेज डीजीपी ने बताया कि ओवरसीज फ्यूजीटिव ट्रैफिकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (OFTEC) का गठन किया गया है, जो विदेशों में बैठे अपराधियों की पहचान, डिपोर्टेशन और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर काम करेगा। कई गैंगस्टरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मामलों में प्रयास जारी हैं। सोशल मीडिया पर अपराध के प्रचार पर कार्रवाई पुलिस हथियारों के प्रदर्शन और अपराध के महिमामंडन से जुड़े सोशल मीडिया कंटेंट पर सख्त कार्रवाई कर रही है। बड़ी संख्या में आपत्तिजनक पोस्ट हटवाई गई हैं और कई अकाउंट बंद कराए गए हैं। अन्य राज्यों और जेलों तक फैलेगा ऑपरेशन गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगी। अन्य राज्यों में भी दबिश दी जाएगी। जेलों के भीतर से अपराध संचालित करने वालों पर रोक लगाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें जेल सुरक्षा और सुधारात्मक उपाय शामिल हैं।
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