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सोनीपत कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई: नाबालिग छात्रा से रेप किया था; उत्तराखंड में लेकर गया, 55 हजार जुर्माना भी लगाया – Sonipat News

सोनीपत कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई:  नाबालिग छात्रा से रेप किया था; उत्तराखंड में लेकर गया, 55 हजार जुर्माना भी लगाया – Sonipat News

सोनीपत में नाबालिग स्टूडेंट के साथ रेप के मामले में अदालत ने कड़ा और मिसाल कायम करने वाला फैसला सुनाया है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज नरेंद्र की कोर्ट ने स्टूडेंट को बहला-फुसलाकर घर से ले जाने, धमकी देने और रेप करने के आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए लंबी सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। इस फैसले को महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों की रक्षा की दिशा में अहम माना जा रहा है।
कोर्ट का बड़ा फैसला, 20 साल की कैद
सोनीपत में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज नरेंद्र की कोर्ट ने देवड़ू रोड निवासी आरोपी दक्ष को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर कैद और कुल 55 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपए पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएं। स्कूल गई स्टूडेंट लापता, दर्ज हुई गुमशुदगी
पीड़िता के पिता ने 18 जनवरी, 2024 को सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 17 जनवरी को शहर के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाई के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने स्कूल और सहेलियों से पूछताछ की, मगर कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज की।
जहर खाने की धमकी देकर बहकाने का आरोप
29 जनवरी, 2024 को पीड़िता के पिता ने पुलिस को बेटी का स्कूल आयु प्रमाण पत्र सौंपा, जिसमें उसकी उम्र साढ़े 15 साल दर्ज थी। उन्होंने दोबारा बयान दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि देवडू रोड निवासी दक्ष ने जहर खाने की धमकी देकर और शादी का झांसा देकर उनकी नाबालिग बेटी को बहकाकर ले गया।
किशोरी बरामद, बयान में उजागर हुई सच्चाई
मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने 31 जनवरी, 2024 को किशोरी को बरामद कर लिया। इसके बाद 2 फरवरी को स्टूडेंट के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने आरोपी पर धमकी देकर बहकाकर ले जाने और गलत काम करने के गंभीर आरोप लगाए। मसूरी ले जाकर किया रेप
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया था कि वह स्टूडेंट को उत्तराखंड के मसूरी ले गया था, जहां वे 4-5 दिन रुके। इस दौरान उसने स्टूडेंट के साथ गलत काम किया। बाद में दोनों मुरथल क्षेत्र के एक होटल में 5-6 दिन तक रुके। आरोपी को इसी दौरान पता चला कि स्टूडेंट नाबालिग है, जिसके बाद वह उसे छोड़कर फरार हो गया।
21 फरवरी, 2024 को आरोपी दक्ष ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया और मामले से जुड़े साक्ष्य व निशानदेही जुटाकर कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट ने सुनाया फैसला
अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 363 में तीन साल कैद व 2 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 366 में पांच साल कैद व 3 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को 9 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
समाज को सख्त संदेश
अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है। कानून ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे मामलों में दोषियों को कठोर सजा देकर ही न्याय सुनिश्चित किया



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