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फल्गु नदी के किनारे 72 कुंडों में यज्ञ: गयाजी में ब्राह्मणी घाट में आस्था का महासंगम; सूर्य सप्तमी पर सुरक्षा-व्यवस्था सख्त – Gaya News

फल्गु नदी के किनारे 72 कुंडों में यज्ञ:  गयाजी में ब्राह्मणी घाट में आस्था का महासंगम; सूर्य सप्तमी पर सुरक्षा-व्यवस्था सख्त – Gaya News

गयाजी में सूर्य सप्तमी के अवसर पर आज फल्गु नदी के किनारे स्थित ब्राह्मणी घाट पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। संज्ञा समिति गया धाम की ओर से 44 वें सूर्य सप्तमी पूजन और सूर्य यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। सुबह से ही घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। फल्गु तट पर वैदिक मंत्रोच्चार गूंजता रहा। हर ओर सूर्य देव की आराधना का माहौल दिखा। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। वैदिक विधि से सूर्य पूजन किया गया। स्तोत्र पाठ हुआ। आचार्यों ने विधिवत अभिषेक कराया। पूजा के दौरान श्रद्धालु पूरी श्रद्धा में नजर आए। आचार्य अरुण मिश्र, आचार्य भूषण, विवेक मिश्र और लक्ष्मी नारायण मिश्र के सान्निध्य में 72 कुंडों पर सामूहिक हवन कराया गया। हवन के दौरान उठती आहुतियों की आग और मंत्रों की ध्वनि ने माहौल को और पवित्र बना दिया। सूर्य आरती के साथ मुख्य अनुष्ठान संपन्न सामूहिक सूर्य आरती के साथ मुख्य अनुष्ठान संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में हविष्य का वितरण किया गया। आयोजन में धार्मिक अनुशासन और परंपरा का विशेष ध्यान रखा गया। घाट पर सुरक्षा और व्यवस्था भी दुरुस्त रही। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष गरिमा दी। उनके साथ कई सामाजिक और धार्मिक हस्तियां भी शामिल हुईं। केंद्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र नाथ मिश्र, केंद्रीय महासचिव गोपाल मिश्र, जिला उपाध्यक्ष मनीष मिश्र, जिला सचिव कृष्ण कुमार मिश्र समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और समिति के कार्यकर्ता भी आयोजन में जुटे रहे। शाम होते-होते ब्राह्मणी घाट पर एक और भव्य दृश्य देखने को मिला। प्रतिज्ञा के पुरोहितों की ओर से संध्या काल में फल्गु और सूर्य नारायण की महाआरती की गई। पांच निपुण पंडितों के समूह ने आरती संपन्न कराई। दीपों की रोशनी और घंटियों की आवाज से पूरा घाट भक्तिरस में डूब गया। सूर्य सप्तमी का यह आयोजन गयाधाम की धार्मिक परंपरा को एक बार फिर मजबूती देता नजर आया।



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