बिहार के मोतिहारी जिले का कैथवलिया गांव इन दिनों चर्चा में है। दरअसल, यहां अयोध्या के राम मंदिर से भी ऊंचा ‘विराट रामायण मंदिर’ बन रहा है। मंदिर में दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जा चुका है। इस शिवलिंग की ऊंचाई 56 फीट है।
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दैनिक भास्कर रिपोर्टर नीरज झा मंदिर की भव्यता को रिपोर्ट करने कैथवलिया गांव पहुंचे। प्रोजेक्ट अधिकारियों से बातचीत के आधार पर नीरज बताते हैं कि विराट रामायण मंदिर 270 फीट ऊंचा होगा, जबकि अयोध्या का राम मंदिर 161 फीट ऊंचा है। वहीं, विराट रामायण मंदिर का परिसर 120 एकड़ है, जबकि अयोध्या का राम मंदिर 70 एकड़ में फैला है।
इस लिहाज से यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर का 1.7 गुना होगा। इसको बनाने में करीब 1,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। मंदिर का प्लेटफॉर्म यानी बेस बन चुका है। शिलान्यास के बाद से आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतें 100 गुना तक बढ़ चुकी हैं।
इस मंदिर को पटना का महावीर मंदिर न्यास बोर्ड बनवा रहा है। बोर्ड के सुपरिंटेंडेंट सायन कुणाल बताते हैं कि 17 जनवरी 2026 को स्थापित शिवलिंग की पूजा साल 2027 से शुरू होगी। मंदिर में वाल्मीकि, विश्वामित्र, दशरथ जैसे रामायण के 22 प्रमुख पात्रों की भव्य मूर्तियां भी लगेंगी। इसे बनाने के लिए RO का पानी, करीब 3 लाख क्विंटल सरिया और राजस्थान के लाल पत्थर का इस्तेमाल हो रहा है।
विराट रामायण मंदिर से जुड़ी सभी अहम जानकारियां 11 स्लाइड्स में देखिए।









टेंपल सुपरिंटेंडेंट के. सुधाकरण बताते हैं, ‘कुणाल किशोर का ये ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्हीं की ख्वाहिश थी कि इसमें गुरुकुल की तरह एक रामायण यूनिवर्सिटी भी खोली जाए। बाद में इसमें इस्कान मंदिर की तरह सालाना सब्सक्रिप्शन मॉडल लागू किया जाएगा।’
मंदिर को डिजाइन करने वाले आर्किटेक्ट नवरत्न रघुवंशी बताते हैं, ‘विराट रामायण मंदिर का मॉडल तीन बार बदला गया। आखिरकार मंदिर का मॉडल बनाने में 5 साल लगे, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर को भेजकर फाइनल किया गया।’
ग्राफिक्स- अजीत सिंह
