संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र हितों में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।
रायपुर के संस्कृत महाविद्यालय जी.ई. रोड में शैक्षणिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर ABVP और RSS से जुड़े लोगों को मंच दिए जाने के विरोध में NSUI ने कड़ा ऐतराज़ जताया है। इसी मुद्दे को लेकर NSUI के प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य से मुलाक़ात कर ज्ञापन
.
NSUI के वाइस चेयरमैन एवं छात्र नेता पुनेश्वर लहरे के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि राजधानी रायपुर के कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लगातार ABVP से जुड़े पदाधिकारियों को कार्यक्रमों में प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि अन्य छात्र संगठनों और अलग विचार रखने वाले छात्रों को समान अवसर नहीं मिल पा रहा। इससे शैक्षणिक परिसरों में एकतरफ़ा वैचारिक प्रभाव का संदेश जा रहा है।
संविधान की मूल भावना के खिलाफ
पुनेश्वर लहरे ने कहा कि महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक पृष्ठभूमियों से आते हैं। ऐसे में किसी एक विचारधारा को थोपना छात्रों की स्वतंत्र सोच, अभिव्यक्ति की आज़ादी और संविधान की मूल भावना के खिलाफ़ है। शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति और वैचारिक पक्षपात से दूर रखा जाना चाहिए।
NSUI ने प्राचार्य से भविष्य में सभी छात्र संगठनों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र हितों में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल, उत्तर विधानसभा अध्यक्ष अनुज शुक्ला, उपाध्यक्ष अंकित बंजारे, मनीष बांधे, असलान शेख, शुभ मुखिया, तनिष्क शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
