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नॉर्वे की राजकुमारी का एपस्टीन फाइल्स में 1000 बार नाम: यौन अपराधी भेजता था फ्लर्टी मैसेज, लिखा था- मैं पत्नी की तलाश में हूं

नॉर्वे की राजकुमारी का एपस्टीन फाइल्स में 1000 बार नाम:  यौन अपराधी भेजता था फ्लर्टी मैसेज, लिखा था- मैं पत्नी की तलाश में हूं


ओस्लो5 घंटे पहले

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नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट। (फाइल फोटो)

नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच संबंध सामने आने से विवाद छिड़ गया हैं। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से 30 जनवरी को जारी की गई एपस्टीन फाइल्स में प्रिसेंस नाम का 1 हजार से ज्यादा बार आया है।

नॉर्वे के अखबार VG की रिपोर्ट के मुताबिक, इन फाइलों में मेटे-मारिट और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच 2011 से 2014 के दौरान हुए कई ईमेल शामिल हैं। दोनों के बीच लंबे समय तक संपर्क रहा।

एक मेल में एपस्टीन ने मेटे-मारिट को बताया कि वो शादी करना चाहता है और पत्नी की तलाश में पेरिस आया है। उसने फ्लर्टी मैसेज करते हुए कहा था कि पेरिस अफेयर और अवैध संबंध बनाने के लिए अच्छा है, लेकिन पत्नी ढूंढनी हो तो स्कैंडिनेवियाई (नॉर्वे, स्वीडन और डेनमार्क) महिलाएं ज्यादा अच्छी और वफादार पत्नी होती हैं।

इसपर मेटे-मारिट ने जवाब दिया, ‘मुझे अभी भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा कि आप सच में पत्नी की तलाश कर रहे हैं।’ मेटे-मारिट का जन्म नॉर्वे में हुआ था। यानी वे खुद स्कैंडिनेवियाई महिला हैं।

मेटे बोली- एपस्टीन की बातें मुझे गुदगुदाती हैं

एक ईमेल में मेटे ने एपस्टीन से पूछा था कि क्या अपने 15 साल के बेटे के वॉलपेपर के लिए दो न्यूड लड़कियों की फोटो (सर्फबोर्ड के साथ) लगाना ठीक रहेगा? एक अन्य ईमेल में उन्होंने एपस्टीन को आकर्षक बताया था।

नॉर्वे के मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, निजी ईमेल में मेटे-मारिट ने एपस्टीन से कहा था, ‘तुम्हारी बातें मुझे गुदगुदाती हैं।’ कुछ ईमेल में उन्होंने उन्हें ‘सॉफ्ट हार्टेड’ और ‘स्वीटहार्ट’ भी लिखा। दोनों की दोस्ती सामने आने के बाद शनिवार को मेटे-मारिट ने एपस्टीन से अपने संबंधों को लेकर माफी मांगी।

तीन बार एपस्टीन से मिली थीं मेटे

फाइलों में कई ईमेल दिखाते हैं कि दोनों काफी करीबी थे। एक ईमेल के जरिए पता चला कि जब मेटे-मारिट बीमार थीं, तब एपस्टीन ने उनके लिए फूल भेजे थे। मेटे-मारिट ने फूलों के लिए शुक्रिया अदा किया और ‘लव, MM (मेटे-मारिट)’ के नाम से साइन किया।

ईमेल में कई जगह मिलने की योजना का जिक्र था। दस्तावेजों से पता चलता है कि मेट-मारिट ने 2011 से 2013 के बीच ओस्लो, न्यूयॉर्क और कैरिबियन में एपस्टीन से तीन बार मुलाकात की और 2013 में फ्लोरिडा में उनके घर पर चार दिन रुकीं थीं। हालांकि, तब एपस्टीन वहां नहीं था।

मेटे बोलीं- 2014 में एपस्टीन से संपर्क तोड़ दिए थे

ये बातें एपस्टीन के 2008 में नाबालिग से वेश्यावृत्ति के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद की हैं। 2011 के एक ईमेल में मेटे-मारिट ने एपस्टीन को बताया कि उन्होंने एपस्टीन पर चल रहे मुकदमे को गूगल किया और कहा कि यह अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन उन्होंने संपर्क जारी रखा।

शनिवार को राजघराने की ओर से जारी बयान में मेटे-मारिट ने बताया कि 2014 में उन्होंने संपर्क तोड़ दिया था क्योंकि एपस्टीन उनका फायदा अपने मतलब के लिए उठाने की कोशिश कर रहा था।

उन्होंने एपस्टीन केस की पीड़ितों के लिए गहरी संवेदना और एकजुटता जताई। मेटे-मारिट ने कहा कि वे इन सब के लिए खुद जिम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने एपस्टीन की पृष्ठभूमि की ठीक से जांच नहीं की और जल्दी समझ नहीं पाईं कि वह कैसा व्यक्ति है।

मेटे-मारिट ने 2001 में नॉर्वे के भावी राजा क्राउन प्रिंस हाकॉन से शादी की थी।

मेटे-मारिट ने 2001 में नॉर्वे के भावी राजा क्राउन प्रिंस हाकॉन से शादी की थी।

मेटे-मारिट के बेटे पर आज से मुकदमा शुरू

ये खुलासे ऐसे समय में हुए हैं जब रॉयल फैमिली के लिए मुश्किल का दौर चल रहा है। मेटे-मारिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी पर बलात्कार का मुकदमा जिला अदालत में मंगलवार यानी आज से शुरू हुआ है।

29 साल के मारियस पर चार महिलाओं के साथ बलात्कार सहित कुल 38 अपराधों के आरोप हैं, जिसमें हमला, ड्रग्स और अन्य मामले शामिल हैं। अगर दोषी पाया गया तो उन्हें 16 साल तक की सजा हो सकती है।

मारियस इन आरोपों से इनकार करते हैं। क्राउन प्रिंस हाकॉन ने कहा कि वे और मेटे-मारिट मुकदमे में नहीं जाएंगे। मेटे-मारिट इस दौरान निजी यात्रा पर रहेंगी।

मेटे-मारिट अपने बेटे मारियस बोर्ग होइबी के साथ एक इवेंट में जाते हुए।

मेटे-मारिट अपने बेटे मारियस बोर्ग होइबी के साथ एक इवेंट में जाते हुए।

मारियस के पास कोई रॉयल टाइटल नहीं है

मारियस होइबी, क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट और क्राउन प्रिंस हाकॉन की शादी से पहले के रिश्ते से पैदा हुए थे। इसलिए मारियस को कभी रॉयल टाइटल नहीं दिया गया। इसका मतलब है कि वो सिंहासन के उत्तराधिकारी नहीं है।

रॉयल फैमिली ने साफ कहा है कि मारियस रॉयल हाउस के सदस्य नहीं है, वह एक आम नागरिक है। इससे फैमिली मुकदमे के प्रभाव को सीमित करने की कोशिश कर रही है। यानी यह रॉयल फैमिली का मामला नहीं, बल्कि एक आम व्यक्ति का है।

सामान्य परिवार से निकल क्राउन प्रिंसेस बनी मेटे-मारिट

मेटे-मारिट नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस है। वे क्राउन प्रिंस हाकॉन की पत्नी हैं, जो नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम के बेटे और सिंहासन के उत्तराधिकारी हैं। मेटे-मारिट का जन्म 19 अगस्त 1973 को नॉर्वे के दक्षिणी शहर क्रिस्टियानसैंड में हुआ था। उनकी उम्र अभी 52 साल है।

वे एक सामान्य परिवार से आती हैं। उनके पिता स्वेन ओ. होइबी एक पत्रकार थे। उनकी मां मारित त्जेसम बैंक क्लर्क थीं। माता-पिता के तलाक के बाद मेटे-मारिट अपनी मां के साथ रहती थीं।

1997 में उन्होंने एक बेटे मारियस बोरग होइबी को जन्म दिया, जो एक ऐसे व्यक्ति से था जिसका आपराधिक इतिहास था। उस समय वे सिंगल मदर थीं और खुद को सपोर्ट करने के लिए काम करती थीं।

पहली पंक्ति में नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम, राजकुमारी इंग्रिड एलेक्जेंड्रा और रानी सोन्या हैं। उनके पीछे राजकुमारी मेटे-मारिट (बाएं से दूसरी), उनकी मां (बगल में), प्रिंस हाकॉन और उनके दो बेटे, राजकुमार स्वेरे मैग्नस और मारियस बोर्ग होइबी।

पहली पंक्ति में नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम, राजकुमारी इंग्रिड एलेक्जेंड्रा और रानी सोन्या हैं। उनके पीछे राजकुमारी मेटे-मारिट (बाएं से दूसरी), उनकी मां (बगल में), प्रिंस हाकॉन और उनके दो बेटे, राजकुमार स्वेरे मैग्नस और मारियस बोर्ग होइबी।

2000 की शुरूआत में क्राउन प्रिंस हाकॉन से उनकी मुलाकात हुई और 1 दिसंबर 2000 को उनकी सगाई हुई। 25 अगस्त 2001 को उनकी शादी हुई, जिसके बाद वे क्राउन प्रिंसेस बनीं।

उनकी शादी के समय उनके पिछले जीवन और बेटे की वजह से काफी विवाद हुआ था, इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में माफी मांगी थी।

उनके और क्राउन प्रिंस हाकॉन के दो बच्चे हैं। मेटे-मारिट क्रॉनिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (फेफड़ों की बीमारी) से जूझ रही हैं। 2025 में बताया गया था कि उन्हें फेफड़े के ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है।

एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है

इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया।

जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है।

धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई।

मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं।

एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी।

हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था।

जेफ्री एपस्टीन और उनकी गर्लफ्रैंड गिस्लीन मैक्सवेल।

जेफ्री एपस्टीन और उनकी गर्लफ्रैंड गिस्लीन मैक्सवेल।

कौन था जेफ्री एपस्टीन?

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।

उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।

उसकी पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।

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