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मोगा में किसान-मजदूरों का मार्च, चार पुलिस नाके तोड़े: सरकार ने 20 फरवरी को चंडीगढ़ में बैठक का लिखित आश्वासन दिया – Moga News

मोगा में किसान-मजदूरों का मार्च, चार पुलिस नाके तोड़े:  सरकार ने 20 फरवरी को चंडीगढ़ में बैठक का लिखित आश्वासन दिया – Moga News

किसान मजदूर मोर्चे के आह्वान पर सैकड़ों किसान और मजदूर मोगा जिले के गांव किशनपुरा स्थित गुरुद्वारा साहिब से किल्ली चाहलां की ओर कूच कर गए। वे मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपनी मांगों पर सवाल पूछने जा रहे थे। इस मार्च में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब, बीकेयू बहिराम के, बीकेयू एकता आजाद और बीकेयू क्रांतिकारी जैसी विभिन्न किसान जत्थेबंदियां शामिल थीं। किसानों ने किशनपुरा से कोकरी कलां तक पुलिस के चार नाके तोड़ दिए। आगे बढ़ने पर सरकार ने भारी पुलिस बल तैनात कर उनका रास्ता रोक दिया। एसपी (आई) सिंगला के नेतृत्व में पुलिस और सिविल प्रशासन ने किसान नेताओं से बातचीत की।कई बार टकराव की स्थिति बनने के बाद, सरकार ने किसानों को 20 फरवरी को सुबह 11 बजे किसान भवन, चंडीगढ़ में बैठक का लिखित आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद मार्च स्थगित इसके बाद किसानों ने किल्ली चाहलां की ओर मार्च स्थगित कर दिया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि किल्ली चाहलां में आयोजित रैली को ‘नशों के खिलाफ युद्ध’ की सफलता के रूप में दर्शाया गया और इसे सरकारी खर्च पर आयोजित किया गया, जिससे सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ पड़ा। किसान नेताओं ने पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की भी निंदा की और 27 फरवरी को अमृतसर में होने वाले धरने को समर्थन देने की घोषणा की। किसान नेताओं ने सरकार से शंभू-खनौरी बॉर्डर पर हुए नुकसान की भरपाई, शहीद परिवारों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द करने और अन्य लंबित मांगों पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।



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