प्रयागराज के झूंसी में 35 वर्षीय कुलदीप कुमार बिंद की हत्या जुए के 400 रुपयों के विवाद में की गई थी। आरोपियों ने पहले उसके साथ बैठकर शराब पी और फिर जुआ खेलने के दौरान पैसों को लेकर उसका विवाद हो गया। इसके बाद लकड़ी के पटरे से उसके सिर पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या को हादसा दिखाने के लिए लाश को घर से बाहर घसीटकर सड़क पर फेंक दिया गया। इस घटना में शामिल चारों आरोपियों को मंगलवार को जेल भेज दिया गया।
साथ में था उठना- बैठना
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में मुन्ना लाल उर्फ मुनमुन, उसका भाई पप्पू, देसी बिंद और मां बबनी देवी शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि कुलदीप और मुन्ना आपस में दोस्त थे। दोनों का साथ उठना-बैठना और खाना-पीना था। रविवार रात भी दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसके बाद मुन्ना के घर में ही जुआ खेलने लगे।
जुए के दौरान होने लगा विवाद
जुआ खेलते समय पैसों को लेकर विवाद शुरू हो गया। बात बढ़ी तो मारपीट होने लगी। इसी दौरान मुन्ना ने लकड़ी के पटरे से कुलदीप के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से कुलदीप लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
इसी बीच पप्पू, देसी और उनकी मां बबनी भी वहां पहुंच गए। वारदात को हादसा दिखाने के लिए चारों ने मिलकर शव को घर से बाहर निकालकर करीब 50 मीटर दूर सड़क पर फेंक दिया और फिर चुपचाप घर लौट गए।
एसीपी बोले
एसीपी विमल किशोर मिश्रा ने बताया कि मृतक और आरोपी सभी मजदूरी का काम करते थे। जांच में सामने आया है कि मुख्य रूप से मुन्ना ने हत्या की और अन्य तीनों ने शव को ठिकाने लगाने में उसका साथ दिया। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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