भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहा के नेतृत्व में बठिंडा शहर की ओर निकाले गए मार्च को पुलिस ने रोक दिया। ये किसान बठिंडा में डिप्टी कमिश्नर (DC) के ऑफिस के बाहर धरना देने जा रहे थे। किसानों को रोकने के दौरान पुलिस से उनकी धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस किसानों को बेरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश कर रही थी, जबकि किसान बेरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच झड़प हुई। ये किसान गांव जेठूके से बठिंडा की तरफ आ रहे हैं। जबकि, किसानों के काफिले को रोकने के लिए बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। किसानों की मुख्य मांग जेल में बंद उनके 2 साथियों, बलदेव सिंह (गांव चाओके) और शगनदीप सिंह (गांव जियोंद) की तत्काल रिहाई है। ये दोनों 9 महीनों से अधिक समय से जेल में हैं। क्या है पूरा मामला… 6 फरवरी को भी झड़प हुई, आंसू गैस छोड़ी आज डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाना था। इससे पहले 6 फरवरी को भी इसी जगह पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे।
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