अररिया स्थित फणीश्वर नाथ रेणु इंजीनियरिंग कॉलेज ने अपनी शैक्षणिक गतिविधियों और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी है। कॉलेज के प्राचार्य असीम कुमार ठाकुर ने अररिया जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारण के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह बिहार सरकार के विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत संचालित अररिया जिले का एकमात्र सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज है। AICTE से अनुमोदन प्राप्त प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज ने दो वर्षीय एम.टेक कार्यक्रम भी शुरू किया है, जिसे अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) से अनुमोदन प्राप्त है। यह कार्यक्रम इलेक्ट्रिकल पावर सिस्टम इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग शाखाओं में 30-30 सीटों के साथ उपलब्ध है। इन कार्यक्रमों को छात्रों को तकनीकी विशेषज्ञता और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सिविल इंजीनियरिंग की 60 सीटें उपलब्ध कॉलेज चार वर्षीय बी.टेक कार्यक्रम भी संचालित करता है। यह कार्यक्रम सिविल इंजीनियरिंग (60 सीटें), मैकेनिकल इंजीनियरिंग (30 सीटें), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (60 सीटें), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (60 सीटें) और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (120 सीटें) जैसी शाखाओं में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त एक अन्य शाखा में 30 सीटें हैं। कॉलेज में सभी इंजीनियरिंग शाखाओं के लिए आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं। विशेष रूप से, एक 5G लैब विकसित किया गया है, जो कनेक्टिविटी और शोध कार्यों में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रहा है। छात्रों की सुविधाओं के लिए, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग सुरक्षित और व्यवस्थित छात्रावास भी उपलब्ध हैं। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में प्रमुख स्थान हासिल प्राचार्य ने बताया कि सीमित समय में ही इस संस्थान ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख स्थान हासिल कर लिया है। कॉलेज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और छात्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है, जिससे छात्रों को अपनी पेशेवर और व्यक्तिगत क्षमताएं प्रदर्शित करने के भरपूर अवसर मिलते हैं। चिकित्सा सुविधा के रूप में जिला पदाधिकारी अररिया द्वारा कॉलेज परिसर में चिकित्सा केंद्र का उद्घाटन किया गया है, जिसका लाभ सभी विद्यार्थी उठा सकते हैं। लाइव सत्र में अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं, जिसमें कॉलेज के भविष्य के विकास योजनाएं और छात्रों के लिए उपलब्ध अवसर शामिल थे। यह लाइव प्रसारण डिजिटल मीडिया के माध्यम से युवाओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी कॉलेज की मजबूत उपस्थिति से अवगत कराने में सहायक रहा।
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