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IPS सुनील नायक को राहत,कोर्ट ने नहीं दी ट्रांजिट रिमांड: बिना वारंट गिरफ्तार करने पहुंची आंध्र पुलिस; IG पर पूर्व सांसद की हत्या के प्रयास का केस – Patna News

IPS सुनील नायक को राहत,कोर्ट ने नहीं दी ट्रांजिट रिमांड:  बिना वारंट गिरफ्तार करने पहुंची आंध्र पुलिस; IG पर पूर्व सांसद की हत्या के प्रयास का केस – Patna News

IPS एम. सुनील नायक को पटना सिविल कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड को खारिज कर दिया है। आंध्र पुलिस के पास ना गिरफ्तारी का वारंट था, न अपडेट केस डायरी। जिसके चलते कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और सीधे रिमांड को रिफ्यूज कर दिया। साथ ही साथ जो पुलिस अफसर बिना वर्दी कोर्ट पहुंचे थे, उन्हें कोर्ट ने बैठा लिया गया, इनमें आंध्र पुलिस के तीन कर्मी भी शामिल हैं। ACJM 12 के कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। IG सुनील कुमार नायक पटना सिविल कोर्ट से निकल चुके हैं। गेट के बाहर पुलिसकर्मियों ने उनका स्वागत किया। IPS एम. सुनील नायक बिहार होम होमगार्ड एंड फायर सर्विसेज में IG हैं। IG सुनील कुमार नायक के खिलाफ IPC की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज है। यह मामला आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से पूर्व सांसद के रघुराम कृष्णा राजू से जुड़ा है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने नियम का पालन नहीं कियाः SP सेंट्रल एसपी भानु प्रताप ने बताया, ‘आंध्र प्रदेश की पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार करने पहुंची थी। इसके बावजूद भी पटना पुलिस ने विनम्रता के साथ सहयोग किया। कोर्ट में जब लाया गया तो कोर्ट ने आंध्र प्रदेश की पुलिस की अर्जी खारिज कर दी। यानी ट्रांजिट रिमांड को रिफ्यूज कर दिया। फिलहाल इसमें क्या हो सकता है, इसके बारे में विचार विमर्श किया जा रहा है।’ IPS एम सुनील नायक के अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने बताया कि आंध्र प्रदेश की पुलिस ने नियम को ताक पर रखकर कार्रवाई की है। गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस ने दीवार फांदकर घर में घुसी थी। इसके खिलाफ हम लोग कोर्ट जाएंगे। अगले 30 दिन तक आंध्र पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है, कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। IPS के घर रेड से जुड़े कुछ अपडेट्स सोमवार सुबह आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम IPS सुनील नायक के पटना स्थित आवास पहुंची। आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई और स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। गिरफ्तारी को लेकर बिहार और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के बीच टकराव जैसी स्थिति बनी। आंध्र प्रदेश पुलिस ने सुनील नायक को पटना सिविल कोर्ट में पेश किया, जहां ट्रांजिट रिमांड की मांग को कोर्ट ने रिफ्यूज कर दिया। रेड और गिरफ्तारी से जुड़ी कुछ तस्वीरें…. पूर्व सांसद ने लगाया हत्या के प्रयास का आरोप पूरा मामला साल 2021 का है, जब सुनील कुमार नायक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश में CID में तैनात थे। उस वक्त तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के रघुरमा कृष्ण राजू आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से सांसद थे। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी और उनकी पार्टी YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। इसके बाद पूर्व सांसद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और CID की टीम हैदराबाद पहुंचकर उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार कर गुंटूर स्थित CID कार्यालय ले गई। पूर्व सांसद का आरोप है कि हिरासत के दौरान उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और सरकार के इशारे पर उन्हें जान से मारने की साजिश रची गई। उन्होंने दावा किया कि यह महज कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि सियासी रंजिश निकालने का तरीका था। के रघुराम कृष्णा राजू वर्तमान में आंध्र प्रदेश विधानसभा में डिप्टी स्पीकर हैं। आंध्र प्रदेश के पूर्व CM, 2 IPS समेत 5 पर केस इसी सिलसिले में उन्होंने गुंटूर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। 2023 में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और दो IPS अफसरों समेत 5 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। पूर्व सांसद का आरोप था कि जगन रेड्डी ने IPS पीवी सुनील कुमार नायक और IPS पीएसआर सीतारमंजनेयुलु के साथ मिलकर उनके खिलाफ आपराधिक साजिश रची। मामले में रिटायर्ड पुलिस अधिकारी आर विजय पॉल और गुंटूर सरकारी जनरल अस्पताल की पूर्व सुपरिटेंडेंट जी प्रभावत भी आरोपी हैं। कोर्ट के आदेश पर सुनील कुमार नायक के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। अब उनकी जमानत रद्द होने के बाद आंध्र पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करेगी और ट्रांजिट रिमांड लेकर आंध्र प्रदेश ले जाएगी। पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे थे IPS अफसर बताया जा रहा है कि जांच अधिकारी ने सुनील नायक को दो बार पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। लेकिन वे निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद आंध्र पुलिस ने पटना पहुंचकर कार्रवाई की है। IPS एम. सुनील नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी हैं। फिलहाल वे बिहार के अग्निशमन विभाग में तैनात हैं। इस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है।



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