रायसेन में इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को और धुलेंडी रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा। ज्योतिषचार्यों के अनुसार, 2026 में चंद्र ग्रहण और भद्रा के कारण यह निर्णय लिया गया है। श्री हिंदू उत्सव समिति की बैठक में भी इसी पर सहमति बनी, जबकि शासन द्वारा 3 मार्च को सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। शहर के रामपुर मंदिर में गुरुवार दोपहर को हुई श्री हिंदू उत्सव समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हुए और नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। सदस्यों ने होलिका दहन और जुलूस की तैयारियों को लेकर विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की। समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष रवि खत्री ने बताया कि ज्योतिष आचार्यों, वरिष्ठजनों और पूर्व अध्यक्षों से चर्चा के बाद यह तय हुआ है कि 2 मार्च को होलिका दहन होगा और 4 मार्च को होली खेली जाएगी। पाटनदेव हनुमान मंदिर से एक भव्य जुलूस निकाला जाएगा, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए महामाया चौक, इंडियन चौराहा, नरापुर, पुरानी बस्ती से गुजरक महामाया चौक पर ही समाप्त होगा। इस दौरान शहर में 70 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। विदिशा के ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद शास्त्री के अनुसार, पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:57 बजे से 3 मार्च को शाम 5:08 बजे तक रहेगी। धर्म सिंधु और निर्णय सिंधु के सिद्धांतों के अनुसार, होलिका दहन प्रदोष-व्यापिनी पूर्णिमा में होना चाहिए और भद्रा रहित होना आवश्यक है। चूंकि 3 मार्च को प्रदोष काल में पूर्णिमा नहीं रहेगी, इसलिए 2 मार्च को दहन शास्त्र-सम्मत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धुलेंडी पूर्णिमा में नहीं मनाई जाती, अतः 3 मार्च शाम 5:08 बजे पूर्णिमा समाप्त होने के बाद 4 मार्च को रंगोत्सव मनाना उचित रहेगा। बैठक में नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसमें सभी पूर्व अध्यक्षों और नगर के वरिष्ठजनों को संरक्षक तथा गणमान्य नागरिकों को सलाहकार समिति सदस्य बनाया गया। इसके अतिरिक्त, 13 उपाध्यक्ष, महामंत्री, संगठन मंत्री, सचिव, प्रवक्ता, प्रचार प्रमुख, कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, 10 सह सचिव,8 चल समारोह प्रमुख, 3 विधि सलाहकार,4 सोशल मीडिया प्रमुख,6सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी और सभी वार्डों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को नियुक्ति दिए।
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