फरीदाबाद में आगरा नहर के ऊपर से गुजर रहे सीवरेज लाइन के पाइपों पर पैदल चलकर लोग जान जोखिम में डालकर नहर को पार कर रहे हैं। यहां से गुजरने वालों के लिए खतरा इतना बड़ा है कि अगर पैर फिसला तो सीधे गहरे पानी में गिर जाएंगे। लेकिन इतने खतरे के बाद भी लोग घर जाने के लिए इस शॉर्टकट का प्रयोग करते हैं। बता दें कि, फरीदाबाद के हरकेश नगर में आगरा नहर के ऊपर से सीवरेज लाइन के दो बड़े पाइप गुजर रही हैं। जिनसे शहर का सीवरेज का गंदा पानी प्लांट तक जाता है। लोगों ने इस पाइप लाइन को ही नहर पार करने के लिए आने-जाने का शॉर्टकट रास्ता बना लिया है, जो जान जोखिम में डालने वाला है। इसके बावजूद लोग जान की परवाह किए बगैर इन पाइपों पर चलकर नहर को पार करते हैं। आगरा नहर में पानी की गहराई बहुत ज्यादा है। रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना आगरा नहर पर बनी इन सीवरेज पाइप लाइन से रोजाना एक या दो लोग नहीं, बल्कि हजारों लोग गुजरते हैं। इनमें युवा, बुजुर्ग, महिलाएं भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा यहां से कपंनियों में काम करने वाले लोग निकलते है। कंपनी में जाने के लिए वो आगरा नहर पार करके बाइपास रोड जाने के लिए इस पाइप लाइन का प्रयोग करते हैं। सुबह और शाम के समय में यहां से गुजरने वाले लोगों का संख्या काफी बढ़ जाती है। पुल से जाकर नहीं करते नहर पार आगरा नहर पर इस पाइल लाइन के दोनों तरफ आने -जाने के लिए पुल बनाए गए हैं, लेकिन सीवरेज पाइप लाइन से दोनों पुलों को दूरी करीब आधा किलोमीटर है। ऐसे में लोग आधा किलोमीटर की दूरी बचाने के लिए इस शॉर्टकट रास्ते का प्रयोग करते हैं। यहां से गुजरने वालों को भी खतरे का भली-भांति अंदाजा है। लेकिन उसके बाद भी लोगों इस जोखिम को उठा रहे हैं। नहर पर हो चुके हैं कई हादसे नहर के ऊपर से गुजर रही पाइप लाइन पर रोजाना पैदल चलकर आने-जाने वाले राजकुमार ने बताया कि वह एक कंपनी में सहायक का काम करते हैं और रोजाना सुबह-शाम यहीं से आते जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कई लोग यहां से गुजरते समय हादसे का शिकार हो चुके हैं। यहां से गुजरते समय पैर फिसलने से पानी में गिरकर अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन समय बचाने के चक्कर में आज भी लोग इस रास्ते से गुजरते हैं। फरीदाबाद सिंचाई विभाग के अधिकारी प्रिंस सिवाच ने बताया कि आगरा नहर की जिम्मेदारी यूपी सरकार के पास है। नहर पर देख- रेख की सभी काम यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारी करते हैं।
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