रायपुर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के एसईआरपीएल परिसर में गुरुवार को केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) आपदा प्रबंधन को लेकर जिला स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन, आपातकालीन सेवाओं और इंडियन ऑयल के कर्मचारियों की तैयारी, आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई की क्षमता का परीक्षण करना था। मॉक ड्रिल की शुरुआत दोपहर 12:18 बजे एमएस ट्रांसमिक्स टैंक से उत्पाद ओवरफ्लो होने की काल्पनिक स्थिति से की गई, जिसके बाद लेवल-1 आपातकाल घोषित किया गया। इसके बाद 12:24 बजे उत्पाद की निकासी के दौरान आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई और लेवल-2 आपातकाल घोषित किया गया। स्थिति को और गंभीर मानते हुए 12:31 बजे टैंक की छत उड़ने की परिकल्पना की गई और लेवल-3 आपातकाल घोषित कर जिला प्रशासन ने मौके पर कमान संभाल ली।
अग्निशमन दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12:40 बजे तक आग पर नियंत्रण पा लिया। इसके बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद जिला प्रशासन ने दोपहर 1:10 बजे ‘ऑल क्लियर’ घोषित कर मॉक ड्रिल का समापन किया। मॉक ड्रिल में अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम उमाशंकर बंदे, प्रभारी अधिकारी राहत शाखा एवं डिप्टी कलेक्टर उपेंद्र किंडो, एसडीएम आरंग अभिलाषा पैंकरा, सीएसपी माना, तहसीलदार ज्योति मसियारे, नायब तहसीलदार आरंग सहित एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला चिकित्सा टीम और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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