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बालाघाट जिले की बिरसा तहसील में अवैध रूप से चल रही दो पैथोलॉजी लैब, भव्या पैथोलॉजी और एडवांस पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। विभाग ने लैब के संचालक ढालसिंह चौधरी को नोटिस थमाते हुए सात दिन के अंदर जवाब मांगा है। गुरुवार को सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप के निर्देश पर जब टीम बिरसा के दुर्गा मंदिर कॉम्प्लेक्स स्थित इस लैब पर पहुंची, तो वहां कई गड़बड़ियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान लैब में बालाघाट के एक डॉक्टर की डिग्रियों के फोटो तो लगे थे, लेकिन उनके वहां काम करने का कोई कानूनी एग्रीमेंट या सहमति पत्र नहीं मिला। साथ ही, एडवांस पैथोलॉजी लैब के नाम से चल रहे कलेक्शन सेंटर का भी कोई वैध दस्तावेज संचालक नहीं दिखा सका। बिना डिग्री के काम कर रहे थे लोग छापेमारी के वक्त संचालक मौके पर नहीं था, वहां केवल दो ट्रेनिंग लेने वाली लड़कियां मौजूद थीं। जांच में पता चला कि उनके पास न तो कोई जरूरी शैक्षणिक डिग्री थी और न ही मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल में उनका कोई रजिस्ट्रेशन था। लैब के अंदर सीबीसी मशीन और बायोकेमिकल एनालाइजर जैसे कई उपकरण और टेस्ट किट भी पाए गए। नियमों की उड़ाई जा रही थीं धज्जियां हैरानी की बात यह रही कि लैब से निकलने वाले खतरनाक बायो-मेडिकल कचरे को खुले में जलाकर नष्ट किया जा रहा था, जो कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के नियमों का सीधा उल्लंघन है। सीएमएचओ डॉ. उपलप ने बताया कि जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए इन दोनों लैब को सील कर दिया गया है। अगर संचालक की तरफ से सात दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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