रसोई गैस की किल्लत और कालाबाजारी के विरोध में शनिवार को कांग्रेस पार्टी के बैनर तले शहर के जेपी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब”, “रसोई गैस की कालाबाजारी बंद करो”, “एलपीजी की किल्लत दूर करो” और “नाम नरेंद्र, काम सरेंडर” जैसे नारे लगाकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर विरोध जताया। इस दौरान प्रधानमंत्री का पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर झूठे दावे कर रही है, जबकि आम लोग सिलेंडर के लिए भारी परेशानी झेल रहे हैं। पुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि आज आम जनता रसोई गैस की किल्लत से बुरी तरह परेशान है। सरकार दावा कर रही है कि गैस की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है, लेकिन हकीकत यह है कि लोग सुबह चार बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पटना सहित कई शहरों में हजारों होटल या तो बंद हो चुके हैं या बंद होने के कगार पर हैं। वहीं लॉज और हॉस्टल भी खाली होने लगे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि रसोई गैस की समस्या को दूर करने के लिए तत्काल ठोस योजना बनाकर लागू किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अशोक सिंह ने आरोप लगाया कि पटना की एक गैस एजेंसी से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा बलपूर्वक सिलेंडर उठवा लिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण ही यह कृत्रिम संकट पैदा हुआ है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सुशील ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के हितों से समझौता किया है, जिसका असर देश के भीतर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि “नरेंद्र भी गायब हैं और सिलेंडर भी गायब हैं।
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