औरंगाबाद के रफीगंज थाना क्षेत्र के गरवा गांव में आज दोपहर जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में पता-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रफीगंज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया गया। घायलों की पहचान गरवा गांव निवासी जगरनाथ सिंह और उनकी बेटी खुशी कुमारी के रूप में की गई है। दोनों का इलाज सदर अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों की ओर से किया गया।बताया जा रहा है कि इस हिंसक झड़प में दूसरे पक्ष के कुछ लोग भी घायल हुए हैं। हालांकि वे इलाज के लिए सदर अस्पताल नहीं पहुंचे, जिसके कारण उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है। जख्मी बोले जबरन मकान निर्माण काम रुकवा रहे थे घटना के संबंध में घायल जगरनाथ सिंह ने बताया कि वह अपनी जमीन पर मकान निर्माण का काम करा रहे थे। इसी दौरान उनके गोतिया हरे कृष्ण सिंह, शंकर सिंह, देवती देवी और रेणु देवी वहां पहुंच गए और जबरदस्ती निर्माण काम रुकवाने लगे। जगरनाथ सिंह के अनुसार जब उन्होंने इसका विरोध किया तो सभी लोग आक्रोशित हो गए और लाठी-डंडे से हमला कर दिया। हमले में जगरनाथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। पिता की पिटाई होते देख उनकी पुत्री खुशी कुमारी उन्हें बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंची, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उसकी भी बेरहमी से पिटाई कर दी। मारपीट की इस घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से घायल पिता-बेटी को इलाज के लिए पहले रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन स्थिति को देखते हुए दोनों को सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा का माहौल है। जमीनी विवाद को लेकर गांव में तनाव की स्थिति भी बनी हुई है। पुलिस को मामले की सूचना दी गई है और शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
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