बालाघाट के अगरवाड़ा क्षेत्र में वन विभाग ने एक घायल मादा तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया है। झाड़ियों में छिपे इस तेंदुए को पकड़ने के लिए जबलपुर से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई थी। रविवार सुबह करीब 8 बजे काम पर निकले मजदूरों ने तेंदुए को घायल हालत में झाड़ियों के बीच बैठा देखा था। इसकी खबर तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने सबसे पहले इलाके की घेराबंदी की ताकि कोई ग्रामीण तेंदुए के करीब न जा सके। 12 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन जबलपुर से आई वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक टीम और स्थानीय वन अमले ने मिलकर ऑपरेशन शुरू किया। रात करीब 8:30 बजे विशेषज्ञों ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया और उसे सुरक्षित पिंजरे में लिया। लगभग 12 घंटे की मशक्कत के बाद यह रेस्क्यू पूरा हो सका। कान्हा भेजा गया तेंदुआ पकड़े जाने के बाद डॉक्टरों की टीम ने तेंदुए का चेकअप किया। बेहतर इलाज और देखभाल के लिए उसे कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला भेज दिया गया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगली जानवर दिखने पर खुद पास न जाएं और तुरंत विभाग को खबर दें।
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