रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान से जुड़े दो पैनकार्ड मामले में सोमवार को रामपुर सेशन कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। यह सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सुनाई गई सात साल की सजा के खिलाफ दायर अपील पर की गई। इससे पहले, 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को इस मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने दोनों को दो पैनकार्ड बनवाने का दोषी पाते हुए सात-सात साल की सजा और पचास-पचास हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया था। सजा सुनाए जाने के बाद से दोनों रामपुर जिला जेल में बंद हैं। आज की सुनवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेशन कोर्ट में बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर सुल्तान सहित अन्य वकीलों ने पक्ष रखा, जबकि सरकार की ओर से एडीजीसी सीमा राणा ने पैरवी की। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस सुनवाई में अदालत का रुख तय हो सकता है। यदि अदालत बचाव पक्ष की दलीलों से संतुष्ट होती है, तो सजा पर रोक या राहत मिल सकती है। दूसरी ओर, सजा बरकरार रहने की स्थिति भी बन सकती है। यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज किया गया था। भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग पैनकार्ड बनवाए हैं। पुलिस जांच के दौरान इस मामले में आजम खान की भूमिका भी सामने आई थी, जिसके बाद अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सेशन कोर्ट की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। आज की सुनवाई इस मामले की आगे की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।
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